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सीएचसी की सेवा बहाली न होने से हलाकान
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खेकड़ा। कस्बे में बंदरों एवं आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। इसके चलते एक माह में डेढ़ दर्जन लोग शिकार हो चुके हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। सीएचसी को कोविड अस्पताल बना दिए जाने से क्षेत्रवासी एंटी रेबीज इंजेक्शन की सुविधा से वंचित हैं।
प्रशासन ने मार्च 2020 में खेकड़ा की जनता को स्वास्थ्य सेवा दे रही सीएचसी को कोविड अस्पताल बना दिया था। इसके चलते यहां के लोग आपात सेवाओं, मेडिको लीगल, 24 घंटे डिलीवरी और एंटी रेबीज इंजेक्शन की सेवा से वंचित हो गए हैं। कस्बे में हर गली नुक्कड़ पर आवारा कुत्ते एवं बंदरों की तादाद बढ़ रही है। ये लोगों के लिए आफत बन रहे हैं। ये बच्चों को भी निशाना बना रहे हैं। नगरवासी अनुज, सोनू चौहान, राजेश, जितेंद्र, अमित, रोहित, विकास, अंकित, नरेंद्र, राकेश, पप्पू आदि का कहना है कि सीएचसी पर मात्र एक रुपये की पर्ची पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लग जाते थे। अब गरीबों को निजी क्लीनिकों पर 1200 से 1500 रुपये खर्च कर इंजेक्शन लगवा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी राजकमल यादव से खेकड़ा सीएचसी की पूर्व की सेवाएं बहाल कराने की मांग की।
व्यवस्था की जा रही
सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर का कहना है कि खेकड़ा का कोविड अस्पताल खाली हो गया है। इमरजेंसी सेवा, मेडिको लीगल, डिलीवरी और एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाने आदि सुविधाएं शुरू कराने को लेकर बागपत कोविड के सर्विलांस आफिसर डॉ. भुजवीर सिंह से वार्ता की गई। फिलहाल खेकड़ा पीएचसी पर जल्द एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने की व्यवस्था कराई जा रही है।
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समस्या का जल्द समाधान कराएंगे
कस्बे में बंदरों एवं कुत्तों के बढ़ते आतंक से कस्बावासियों को निजात दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता करेंगे। समस्या का जल्द समाधान कराने का प्रयास करेंगे।-अजय कुमार, एसडीएम खेकड़ा
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प्रशासन ने मार्च 2020 में खेकड़ा की जनता को स्वास्थ्य सेवा दे रही सीएचसी को कोविड अस्पताल बना दिया था। इसके चलते यहां के लोग आपात सेवाओं, मेडिको लीगल, 24 घंटे डिलीवरी और एंटी रेबीज इंजेक्शन की सेवा से वंचित हो गए हैं। कस्बे में हर गली नुक्कड़ पर आवारा कुत्ते एवं बंदरों की तादाद बढ़ रही है। ये लोगों के लिए आफत बन रहे हैं। ये बच्चों को भी निशाना बना रहे हैं। नगरवासी अनुज, सोनू चौहान, राजेश, जितेंद्र, अमित, रोहित, विकास, अंकित, नरेंद्र, राकेश, पप्पू आदि का कहना है कि सीएचसी पर मात्र एक रुपये की पर्ची पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लग जाते थे। अब गरीबों को निजी क्लीनिकों पर 1200 से 1500 रुपये खर्च कर इंजेक्शन लगवा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी राजकमल यादव से खेकड़ा सीएचसी की पूर्व की सेवाएं बहाल कराने की मांग की।
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व्यवस्था की जा रही
सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर का कहना है कि खेकड़ा का कोविड अस्पताल खाली हो गया है। इमरजेंसी सेवा, मेडिको लीगल, डिलीवरी और एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाने आदि सुविधाएं शुरू कराने को लेकर बागपत कोविड के सर्विलांस आफिसर डॉ. भुजवीर सिंह से वार्ता की गई। फिलहाल खेकड़ा पीएचसी पर जल्द एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने की व्यवस्था कराई जा रही है।
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समस्या का जल्द समाधान कराएंगे
कस्बे में बंदरों एवं कुत्तों के बढ़ते आतंक से कस्बावासियों को निजात दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता करेंगे। समस्या का जल्द समाधान कराने का प्रयास करेंगे।-अजय कुमार, एसडीएम खेकड़ा