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Baghpat News: ई स्वराज पोर्टल पर धुंधले बिल लगाकर तीन पंचायतों ने निकाले नौ लाख से अधिक
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ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किए गए कोरे कागज। ई स्वराज।
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। कहते हैं ई ग्राम स्वराज पोर्टल कभी झूठ नहीं बोलता, लेकिन जिले की ग्राम पंचायतें पोर्टल को ही झूठा ठहरा रही हैं। पंचायतों ने सरकार के ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर धुंधले और कोरा कागज बाउचर , बिल के स्थान पर अपलोड़ कर लाखों रुपये निकाल लिए गए।
धुंधले बिल इसलिए लगाए जा रहे हैं ताकि उसे कोई पढ़ा न जा सके न उसकी जांच हो। ग्राम पंचायतों की पड़ताल की तो वर्ष 2024-25 में ही धुंधले बिल लगाकर 9 लाख से अधिक रुपये निकाल लिए। यही नहीं जो कार्य ई स्वराज पोर्टल पर दर्शाए गए, ग्रामीणों ने कहा कि उनके यहां यह काम हुए ही नहीं।
ई ग्राम स्वराज की पोर्टल की पड़ताल के दौरान यह जानकारी सामने आईं... : जून माह में गंगेरु में दीवार निर्माण कार्य पर 3.83 लाख रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि बाउचर के स्थान पर कोरा कागज अपलोड कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि दीवार निर्माण उन्होंने चंदा एकत्रित कर कराया था। गंगेरु में ही 2.95 लाख की लागत से अहसान के घर से सैयद के प्लाॅट तक सीसी वर्क दिखाया गया, जबकि बाउचर के स्थान पर कोरा कागज अपलोड कर दिया गया।
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इसी स्थान पर 48 हजार का एक काम और दिखाया गया। गांव में 65 हजार का सफाई वर्क दिखाया गया मगर बिल धुंधला अपलोड कर लिया।
आजम के घर के पास इंटरलाॅकिंग कार्य पर 2.23 लाख रुपये दर्शाए गए। अप्रैल माह में जाबिर के घर के पास इंटर लॉकिंग कार्य दर्शाया गया जबकि गांव के सलीम ने कहा कि जाबिर के यहां पर इंटरलाकिंग नहीं लगी। सलीम ने कहा कि तालाब के पास जरूर कार्य कराया गया था।
रायपुर गांव में निर्माण कार्य पर 16 हजार 500 रुपये खर्च दर्शाए गए जबकि बिल धुंधला अपलोड कर दिया।
नांगल गांव में मानदेय देने के नाम पर धुंधला बिल अपलोड कर दिया। लाडोमारा गांव में तालाब के सुंदरीकरण के लिए एक लाख 65 हजार रुपये स्वीकृत दिखाए गए, मगर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया।
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शामली। कहते हैं ई ग्राम स्वराज पोर्टल कभी झूठ नहीं बोलता, लेकिन जिले की ग्राम पंचायतें पोर्टल को ही झूठा ठहरा रही हैं। पंचायतों ने सरकार के ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर धुंधले और कोरा कागज बाउचर , बिल के स्थान पर अपलोड़ कर लाखों रुपये निकाल लिए गए।
धुंधले बिल इसलिए लगाए जा रहे हैं ताकि उसे कोई पढ़ा न जा सके न उसकी जांच हो। ग्राम पंचायतों की पड़ताल की तो वर्ष 2024-25 में ही धुंधले बिल लगाकर 9 लाख से अधिक रुपये निकाल लिए। यही नहीं जो कार्य ई स्वराज पोर्टल पर दर्शाए गए, ग्रामीणों ने कहा कि उनके यहां यह काम हुए ही नहीं।
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ई ग्राम स्वराज की पोर्टल की पड़ताल के दौरान यह जानकारी सामने आईं... : जून माह में गंगेरु में दीवार निर्माण कार्य पर 3.83 लाख रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि बाउचर के स्थान पर कोरा कागज अपलोड कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि दीवार निर्माण उन्होंने चंदा एकत्रित कर कराया था। गंगेरु में ही 2.95 लाख की लागत से अहसान के घर से सैयद के प्लाॅट तक सीसी वर्क दिखाया गया, जबकि बाउचर के स्थान पर कोरा कागज अपलोड कर दिया गया।
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इसी स्थान पर 48 हजार का एक काम और दिखाया गया। गांव में 65 हजार का सफाई वर्क दिखाया गया मगर बिल धुंधला अपलोड कर लिया।
आजम के घर के पास इंटरलाॅकिंग कार्य पर 2.23 लाख रुपये दर्शाए गए। अप्रैल माह में जाबिर के घर के पास इंटर लॉकिंग कार्य दर्शाया गया जबकि गांव के सलीम ने कहा कि जाबिर के यहां पर इंटरलाकिंग नहीं लगी। सलीम ने कहा कि तालाब के पास जरूर कार्य कराया गया था।
रायपुर गांव में निर्माण कार्य पर 16 हजार 500 रुपये खर्च दर्शाए गए जबकि बिल धुंधला अपलोड कर दिया।
नांगल गांव में मानदेय देने के नाम पर धुंधला बिल अपलोड कर दिया। लाडोमारा गांव में तालाब के सुंदरीकरण के लिए एक लाख 65 हजार रुपये स्वीकृत दिखाए गए, मगर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया।