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परिवार में तीन मौतों से मचा कोहराम
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 13 Jun 2017 12:46 AM IST
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महिला के शव को बागपत पोस्टमार्टम हाउस ले जाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बागपत मेरठ मार्ग पर हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार में तीन मौतों से डालमपुर गांव में कोहराम मच गया। तीनों शव पहुंचने के बाद गांव में शोक की लहर छा गई।
कृष्णवीर के घर पर ग्रामीणों का तांता लगा रहा। परिवार और गांव के लोग कभी रोडवेज बस के चालक का दोष निकालते रहे तो कभी कहते रहे कि आज तीनों न ही निकलते तो हादसे से बच जाते।
इससे पहले हादसे के दौरान मची चीख पुकार के बीच कुछ राहगीरों की मदद से कविता, दीपांशु और पंकज के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को गांव भिजवाया गया। कविता का पति कृष्णवीर गांव में रहकर मजदूरी करता था। वह कुछ माह पहले घर में आग लगने की वजह से झुलस गया था।
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वह फिलहाल घर पर रहकर इलाज करा रहा है। इसके चलते आजकल बेरोजगार है। कृष्णवीर पर इकलौते पुत्र पंकज एवं पत्नी कविता की मौत के चलते गमों का पहाड़ टूट गया। रात में लगभग नौ बजे तीनों के शव पोस्टमार्टम होने के बाद गांव पहुंचे।
इससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। बड़ी संख्या में ग्रामीण कृष्णवीर के घर पर एकत्र हो गए। रात में ही तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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कृष्णवीर के घर पर ग्रामीणों का तांता लगा रहा। परिवार और गांव के लोग कभी रोडवेज बस के चालक का दोष निकालते रहे तो कभी कहते रहे कि आज तीनों न ही निकलते तो हादसे से बच जाते।
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इससे पहले हादसे के दौरान मची चीख पुकार के बीच कुछ राहगीरों की मदद से कविता, दीपांशु और पंकज के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को गांव भिजवाया गया। कविता का पति कृष्णवीर गांव में रहकर मजदूरी करता था। वह कुछ माह पहले घर में आग लगने की वजह से झुलस गया था।
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वह फिलहाल घर पर रहकर इलाज करा रहा है। इसके चलते आजकल बेरोजगार है। कृष्णवीर पर इकलौते पुत्र पंकज एवं पत्नी कविता की मौत के चलते गमों का पहाड़ टूट गया। रात में लगभग नौ बजे तीनों के शव पोस्टमार्टम होने के बाद गांव पहुंचे।
इससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। बड़ी संख्या में ग्रामीण कृष्णवीर के घर पर एकत्र हो गए। रात में ही तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।