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आग लगी तो बेकाबू हो जाएंगे हालात
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बागपत। दिल्ली का हादसा सबक है। वक्त रहते सबक नहीं सीखा तो जिले में आग लगने पर हालात बेकाबू हो जाएंगे। दमकल विभाग बेबस है। स्टाफ की कमी और संसाधनों का टोटा। ऐसे में विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर वाहनों में लगी आग पर काबू पाने में ही दमकल विभाग के पसीने छूटते रहे हैं। बड़ौत और खेकड़ा की तंग गलियां मुश्किलें खड़ी कर देंगी।
खाली पद, कौन बुझाएगा आग
बड़ौत नगर की बात करें तो यहां पर बावली रोड पर फायर स्टेशन है। इसमें एक बड़ी गाड़ी साढ़े चार हजार लीटर पानी की और छोटी गाड़ी चार सौ लीटर की है। स्टाफ की बात करें तो काफी समय से यहां पर 12 सिपाही के पद खाली पड़े है। वर्तमान में 17 कर्मचारी है। जिनमें सात सिपाही, दो हवलदार, कुकर और एक एफएसओ आदि शामिल है। एफएसओ अबुल हुसैन ने बताया कि यहां पर 12 सिपाही के पद खाली है, एक ड्राइवर और दो दरोगा की भी कमी चल रही है। कई बार मांग कर चुके हैं।
ड्राइवर का पद ही चल रहा खाली
नगर खेकड़ा में एक फायर टैंक, एक जीप एवं एक बुलेट है। नौ सिपाही, एक हवलदार, एक ड्राइवर, एक कुक और एक एफएसओ शामिल है। यहां पर भी सात सिपाही, एक ड्राइवर एवं एक हवलदार की कमी है। यही हालात बागपत नगर के हैं। खेकड़ा के दमकल विभाग के अधिकारी दासू सिंह ने बताया कि स्टाफ की डिमांड की गई है।
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आग लगने से यह हुए हादसे
खेकड़ा में एक माह के अंदर नौ आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। उधर बड़ौत क्षेत्र मेें आगजनी की लगभग 15 से 20 घटनाएं आगजनी की जा चुकी है। बागपत में भी एक माह के अंदर आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी है। तीनों जगहों पर न तो पूरी तरह से स्टाफ है और न ही वाहन। ऐसे मेें यदि कोई बड़ी घटना हो जाए, तो मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।
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खाली पद, कौन बुझाएगा आग
बड़ौत नगर की बात करें तो यहां पर बावली रोड पर फायर स्टेशन है। इसमें एक बड़ी गाड़ी साढ़े चार हजार लीटर पानी की और छोटी गाड़ी चार सौ लीटर की है। स्टाफ की बात करें तो काफी समय से यहां पर 12 सिपाही के पद खाली पड़े है। वर्तमान में 17 कर्मचारी है। जिनमें सात सिपाही, दो हवलदार, कुकर और एक एफएसओ आदि शामिल है। एफएसओ अबुल हुसैन ने बताया कि यहां पर 12 सिपाही के पद खाली है, एक ड्राइवर और दो दरोगा की भी कमी चल रही है। कई बार मांग कर चुके हैं।
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ड्राइवर का पद ही चल रहा खाली
नगर खेकड़ा में एक फायर टैंक, एक जीप एवं एक बुलेट है। नौ सिपाही, एक हवलदार, एक ड्राइवर, एक कुक और एक एफएसओ शामिल है। यहां पर भी सात सिपाही, एक ड्राइवर एवं एक हवलदार की कमी है। यही हालात बागपत नगर के हैं। खेकड़ा के दमकल विभाग के अधिकारी दासू सिंह ने बताया कि स्टाफ की डिमांड की गई है।
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आग लगने से यह हुए हादसे
खेकड़ा में एक माह के अंदर नौ आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। उधर बड़ौत क्षेत्र मेें आगजनी की लगभग 15 से 20 घटनाएं आगजनी की जा चुकी है। बागपत में भी एक माह के अंदर आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी है। तीनों जगहों पर न तो पूरी तरह से स्टाफ है और न ही वाहन। ऐसे मेें यदि कोई बड़ी घटना हो जाए, तो मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।