फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   There was a tradition of keeping ghee and milk near the bodies of warriors

Baghpat News: योद्धाओं के शवों के पास घी व दूध रखने की थी परंपरा

Mon, 24 Mar 2025 12:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Mon, 24 Mar 2025 12:17 AM IST
विज्ञापन
There was a tradition of keeping ghee and milk near the bodies of warriors
सिनौली में निकले ताबूत के पास रखे मिट्टी के बर्तन। फाइल फोटो
बड़ौत। तिलवाड़ा के आला टीले पर ताबूतनुमा आकृति, मिट्टी के बर्तन समेत अन्य पुरावशेष सिनौली में निकले पुरावशेषों से मेल खा रहे हैं। इनके आधार पर यह माना जा रहा है कि योद्धाओं के शवों के पास इस तरह के बर्तनों में घी व दूध रखने की परंपरा थी। हालांकि शोध पूरा होने के बाद पुरातत्वविद इसकी पूरी तरह से पुष्टि करने की बात कहते हैं। वहीं तिलवाड़ा में होली से पहले बंद हुआ उत्खनन दोबारा शुरू करने की तैयारी है।
विज्ञापन

इतिहासकार डॉ़ अमित राय जैन ने बताया कि सिनौली में तीसरे चरण के उत्खनन में ताबूत, तांबे की तलवार, चाकू, सुराहीनुमा मिट्टी के बर्तन मिले थे। इनके आधार मानव बस्ती के साथ शवाधान केंद्र होने की भी पुष्टि की गई थी। तिलवाड़ा के आला टीले पर अभी तक की खोदाई में ताबूतरानुमा आकृति के पास सुराहीनुमा मिट्टी के बर्तन, तांबे की प्लेट समेत अन्य पुरावशेष मिले हैं।
विज्ञापन

यह सभी पुरावशेष सिनौली से मेल खाते हैं। इनके आधार पर तिलवाड़ा में मानव बस्ती के साथ शवाधान केंद्र होने की संभावना बन गई हैं। क्योंकि चार हजार साल पहले के योद्धाओं के शवों को ताबूत में दफनाया जाता था। ताबूत के पास मिले मिट्टी के बर्तनों में उनके शव के पास घी, दूध रखने का रीति रिवाज था, जिसके सिनौली में प्रमाण मिल चुके हैं। अब ठीक इस दिशा में तिलवाड़ा टीले पर खोदाई चल रही हैं। सिनौली के बाद यह पुरातत्वविदों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed