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Baghpat News: जमीन पर नहीं तालाब, फाइलों में सुंदरीकरण का प्रस्ताव

Mon, 24 Jun 2024 03:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Mon, 24 Jun 2024 03:30 AM IST
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There is no pond on the ground, beautification proposal is in files
बागपत। अटल भूजल योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिस गांव में तालाब नहीं है, उसको योजना में शामिल कर दिया गया। वहीं जिस गांव में ग्राम पंचायत निधि से तालाब का सुंदरीकरण हो रहा है, उसकी भी दोबारा फाइल तैयार कर दी गई। दोनों जगहों पर 17 लाख रुपये खर्च करने को प्रस्ताव स्वीकृत करके शासन को भेज दी। अब डीएम ने दोनों तालाबों को कार्ययोजना से अवमुक्त कर दिया है।
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जिले के तालाबों का जीर्णोंद्धार करने के लिए अटल भूजल योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत एक तालाब के लिए साढ़े आठ लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत निधि से भी तालाब की साफ सफाई के लिए रुपये खर्च होते हैं। वर्ष 2022-23 में जिले में करीब 20 तालाबों को चिह्नित किया गया था। विभाग के अधिकारियों ने उनकी जांच करना भी जरूरी नहीं समझा। बिना जांच करे ही तालाबों की सूची तैयार कर शासन को भेज दी गई। उसमें इस तरह फर्जीवाड़ा मिला कि घटौली गांव में तालाब न होने के बाद भी अटल भूजल योजना से कार्य कराने के लिए साढ़े आठ लाख रुपये की स्वीकृति दे दी गई। वहीं खेड़ा इस्लामपुर के जिस तालाब को सूची में शामिल किया गया, उस पर पहले से ही ग्राम पंचायत निधि से कार्य कराया जा रहा है। इन दोनों तालाबों को शामिल करने में फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिकायत के बाद जांच की गई तो डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने दोनों तालाब को कार्ययोजना से मुक्त कर दिया है।
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भूमि संरक्षण अधिकारी की जांच में चला पता
भूमि संरक्षण अधिकारी के पास जब तालाबों की सूची पहुंची तो वह जांच करने के लिए गांव में पहुंचे। घटौली में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि राजस्व रिकार्ड में एक भी तालाब दर्ज नहीं है। तालाब दर्ज न होने के बाद कैसे सूची में शामिल किया गया। इसके बाद वह खेड़ा इस्लामपुर गांव में पहुंचे तो वहां ग्राम पंचायत निधि से तालाब का जीर्णोंद्धार व सुंदरीकरण का कार्य होता मिला। इसके बाद उन्होंने डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपी और उनकी रिपोर्ट के बाद दोनों तालाब को कार्ययोजना से बाहर कर दिया गया।
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वर्जन
वर्ष 2022-23 में शासन से तालाब की सूूची मांगी गई थी। इसे आनन फानन में बनाकर भेज दिया गया था। इसलिए यह गड़बड़ी हुई है। अब डीएम ने दोनों तालाब को कार्ययोजना से मुक्त कर दिया है। इनके स्थान पर दूसरे तालाबों का चयन किया जाएगा। - सर्वेश कुमार, सहायक अभियंता अटल भूजल
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