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Baghpat News: खातों में बजट की भरमार, खर्च करने में पंचायतों का बुरा हाल

Fri, 15 Nov 2024 01:43 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2024 01:43 AM IST
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There is abundance of budget in the accounts, but the panchayats are in a bad condition in spending it
बागपत। खातों में बजट की भरमार है, मगर खर्च करने में ग्राम पंचायतों का बुरा हाल है। स्थिति यह है कि किसी पंचायत के खाते में 25 लाख तो किसी के में 20 लाख रुपये पड़े हैं। बजट खर्च नहीं होने के कारण गांवों में नाली, मार्गों का निर्माण, साफ सफाई, हैंडपंप रिबोर व तालाब की सफाई आदि के कार्य अधूरे पड़े होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पंचायतों का विकास कराने के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि मिलती है। कई ग्राम पंचायत ऐसी है, जिनको 50 लाख रुपये तक का एक साल में बजट मिलता है। इसके बावजूद बजट को खर्च करने में प्रधानों व सचिवों द्वारा कंजूसी की जा रही है। जिले के बागपत, बड़ौत, पिलाना, खेकड़ा, छपरौली व बिनौली ब्लॉक में पंचायतों के खाते में दस करोड़ रुपये से ज्यादा पड़े हैं। इसके बावजूद उसे खर्च नहीं किया जा रहा है और इस कारण गांवों में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं।
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- बिचपड़ी व हमीदाबाद में बजट भरमार, फिर भी हालत खराब
बिचपड़ी गांव में करीब 12 लाख रुपये का बजट है। इसके बावजूद मार्गों के किनारे ही गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गांव में साफ सफाई तक नहीं कराई जाती है। खड़ंजे भी टूटे पड़े हैं। ऐसे में गांव में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। तालाब की सफाई नहीं होने के कारण मार्गों पर जलभराव हो रहा है। ग्रामीणों का मार्गों पर चलना मुश्किल हो गया है। नयागांव हमीदाबाद में करीब 15 लाख रुपये का बजट पड़ा है। यहां तालाब की सफाई नहीं होने से जलभराव हो रहा है और गंदगी का अंबार लगा होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
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- ललियाना व चंदायन में चलने लायक नहीं मार्ग
ललियाना गांव में छह लाख रुपये का बजट होने के बाद भी कार्य नहीं किया जा रहा। मुख्य रास्ते पर जलभराव व कीचड़ होने के कारण मार्ग टूटना शुरू हो गया है। जलभराव के कारण गहरे-गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे बुजुर्ग व बच्चे गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गांव के अधिकांश हैंडपंप कई साल से खराब पड़े हैं, जिन्हें ठीक तक नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों को पीने के पानी की काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। चंदायन गांव में आठ लाख रुपये से ज्यादा का बजट है। बजट होने के बाद भी विकास कार्य नहीं हो रहे है। गांव के मार्ग खराब है और बरसात के समय में पानी भरने के कारण स्कूल जाने में विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ती है। गांव में साफ सफाई तक नहीं कराई जाती है। ऐसे में ग्रामीण काफी परेशान है।
- गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव होने के कारण आए दिन ग्रामीण गिरकर घायल हो रहे है। शिकायत के बाद भी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रधान द्वारा भी बजट खर्च नहीं किया जा रहा है। - कृष्णपाल, ललियाना

- गांव की गलियों में पाइप लाइन बिछाने का कार्य हुआ था और खड़ंजे उखाड़ दिए गए। कार्य पूरा होने के बाद खड़ंजों को ठीक तक नहीं किया गया। गड्ढों में बच्चे व बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। - महेंद्र सिंह, ललियाना

- गांव में खड़ंजे का निर्माण नहीं किया जा रहा है। खड़ंजा नहीं बनने के कारण जलभराव रहता है और विद्यार्थियों के साथ ही ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी हो रही है। - गौरव कुमार, चंदायन

- गांव में न तो तालाब की सफाई कराई जा रही है, न ही मार्गों को बनवाया जा रहा है। मार्ग के किनारे ही गंदगी को डाल दिया जाता है। ऐसे में गांव में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। - बिजेंद्र, बिचपड़ी

- तालाब की सफाई न होने के कारण जलभराव की वजह से मार्ग टूट रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। प्रधान व सचिव द्वारा गांव में कार्य कराने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - राकेश, हमीदाबाद नयागांव

- वर्जन
- ग्राम पंचायतों में बजट खर्च करने के लिए प्रधानों व सचिवों को पत्र जारी किया गया है। जिन गांवों में बजट खर्च नहीं हो रहा है, वहां के प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अरुण अत्री, डीपीआरओ
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