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Baghpat News: धीमी होने तक गेहूं फसल की जड़ों को हिला गई पछुआ हवा
Fri, 07 Mar 2025 01:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 07 Mar 2025 01:23 AM IST
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बागपत। यहां पल-पल बदलता मौसम कभी गर्मी तो कभी ठंड का अहसास कराने के साथ किसानों को चिंता में डाल रहा है। दूसरे दिन गुरुवार को पछुआ हवा की रफ्तार में आठ किमी प्रतिघंटे की कमी तो आई, लेकिन गेहूं के पौधों की जड़ों को हिला गई। इससे उत्पादन गिरने के साथ गेहूं के दानों की गुणवत्ता में कमी आएगी। लोगों को ठंड का अहसास होता रहा।
बृहस्पतिवार को पछुआ हवा की रफ्तार प्रतिघंटा 19 किमी रही है, जबकि गत दिवस 26 किमी थी। तेज हवा से गेहूं की वह फसल गिर गई जिसकी सिंचाई की हुई थी। जिस फसल की सिंचाई नहीं की गई उसमें भी नुकसान है। दरअसल तेज हवा गेहूं के पौधों की जड़ों को हिला गई।
इससे उस फसल में ज्यादा नुकसान है जिसकी बालियों में दाना दुग्धा अवस्था में है। एक तो दाना मोटा नहीं होने से उत्पादन में गिरावट आएगी व गुणवत्ता गिर सकती है जिससे किसानों को खुले बाजार में गेहूं मूल्य कम मिल सकता है।
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कृषि विशेषज्ञ की मानें तो वर्तमान में गेहूं फसल के लिए 16 से 20 डिसे तापमान उपयुक्त होता है लेकिन यह 12 से 29 के बीच चल रहा है जो फसल के लिए कतई उपयुक्त नहीं है। जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने कहा कि तेज हवा चलने तक किसान गेहूं फसल की सिंचाई कतई नहीं करें। कृषि विभाग के रिकार्ड के अनुसार बागपत में 54 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं फसल है।
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बृहस्पतिवार को पछुआ हवा की रफ्तार प्रतिघंटा 19 किमी रही है, जबकि गत दिवस 26 किमी थी। तेज हवा से गेहूं की वह फसल गिर गई जिसकी सिंचाई की हुई थी। जिस फसल की सिंचाई नहीं की गई उसमें भी नुकसान है। दरअसल तेज हवा गेहूं के पौधों की जड़ों को हिला गई।
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इससे उस फसल में ज्यादा नुकसान है जिसकी बालियों में दाना दुग्धा अवस्था में है। एक तो दाना मोटा नहीं होने से उत्पादन में गिरावट आएगी व गुणवत्ता गिर सकती है जिससे किसानों को खुले बाजार में गेहूं मूल्य कम मिल सकता है।
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कृषि विशेषज्ञ की मानें तो वर्तमान में गेहूं फसल के लिए 16 से 20 डिसे तापमान उपयुक्त होता है लेकिन यह 12 से 29 के बीच चल रहा है जो फसल के लिए कतई उपयुक्त नहीं है। जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने कहा कि तेज हवा चलने तक किसान गेहूं फसल की सिंचाई कतई नहीं करें। कृषि विभाग के रिकार्ड के अनुसार बागपत में 54 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं फसल है।