पीड़ित समेत दो परिवार का गांव से पलायन
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किसान देवी सिंह 25 दिसंबर को अपनी सुरक्षा में लगे कांस्टेबल अनुज कुमार के साथ बाइक पर सवार होकर खेत में घूमने गए थे। वहां पहुंचते ही 10-12 लोगों ने घेरकर उन पर फायरिंग शुरू कर दी थी। सुरक्षाकर्मी अनुज ने अपनी एसएलआर से फायर किए, लेकिन गन में गोली फंसने के बाद उसकी एसएलआर चलनी बंद हो गई थी। इसके बाद अपराधियों ने देवी सिंह की हत्या की। मृतक की मां सोहनवीरी ने बिनौली थाने पर गांव के ही सोहनवीर, उसके भाई, पिता और साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अभी तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
वारदात की साजिश रचने में शामिल रहे दो लोगों को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मुख्य आरोपी फरार चल रहे है। वारदात से मृतक का परिवार काफी भयभीत है। इसके चलते पीड़ित परिजनों के अलावा वीरेंद्र राणा के परिवार ने गांव से पलायन कर दिया है। इसमें वीरेंद्र राणा, मृतक देवी सिंह के भाई सुमित की हत्या का गवाह हैं। इस बारे में सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय ने कहा आरोपियों की गिरफ्तारी के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही उनको पकड़ लिया जाएगा। दो परिवारों के पलायन की उनको जानकारी नहीं है।
जंगलों की खाक छान रही पुलिस
बागपत। आरोपी सोहनवीर और उसके साथियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें धनौरा सिल्वरनगर समेत आसपास के गांवों के जंगलों की खाक छान रही है, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली है। सूत्रों की माने तो आरोपी सोहनवीर ने वारदात को अंजाम देने से पहले ही अपनी जमीन बेच दी थी। परिवार को भी गांव से लेकर कहीं चला गया था।