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Baghpat News Exclusive: ऊर्जा निगम की मनमानी का ‘बोझ’ ढो रहे किसान, शिकायत के बावजूद नहीं निकला समाधान

Wed, 23 Nov 2022 07:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो मुकेश पंवार, अमर उजाला, बागपत
मुकेश पंवार, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 23 Nov 2022 07:00 AM IST
सार

बड़ौत में ऊर्जा निगम की मनमानी का बोझ किसानों को ढोना पड़ रहा है। 25 केवीए के ट्रांसफार्मर पर दो साल से 59 केवीए का बिल वसूला जा रहा है। किसान पांच बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बाद भी नहीं निकला हल

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The son of the earth is carrying the 'burden' of the arbitrariness of the Energy Corporation
बिजली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में धरती पुत्रों के सिर पर ऊर्जा निगम ने मनमानी करके अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। दो वर्षों से ख्वाजा नंगला गांव के तीन किसानों से ट्यूबवेल पर रखे 25केवीए के विद्युत ट्रांसफार्मर पर मनमानी कर 59 केवीए विद्युत ट्रांसफार्मर का बिल वसूला जा रहा है। पांच बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने व कई बार विधायक द्वारा पत्र लिखे जाने के बाद भी समस्या हल नहीं हुई।

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मामला विद्युत वितरण खंड प्रथम कार्यालय से जुडे़ ख्वाजा नंगला गांव का है। किसान रिसाल सिंह ने नलकूप लगवाने के लिए करीब 40 साल पहले आवेदन किया था। रिसाल के यहां 25 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर रखकर नलकूप चालू करा दिया था। कुछ साल बाद निगम ने इसी ट्रांसफार्मर से किसान रामचंद और ताल सिंह के ट्यूबवेल को जोड़ दिया। विद्युत निगम एक अप्रैल 2020 से ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाए बिना 59 केवीए का बिल वसूलता रहा।
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किसान ने विरोध किया परंतु मनमानी नहीं रुकी। किसानों का प्रतिनिधिमंडल एसई बागपत रणविजय सिंह, पूर्व एक्सईएन प्रथम गोपाल सिंह सहित ऊर्जा निगम के एमडी से मिले। हैरानी की बात यह है कि इस समस्या के निस्तारण को लेकर पांच बार पीड़ित किसान व किसान यूनियन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। विधायक छपरौली डॉ. अजय कुमार भी ऊर्जा निगम के अफसरों सहित मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। 

ये बोले किसान नेता
किसान नेता विक्रम सिंह आर्य का कहना है कि यह किसानों का शोषण है। यदि 25 केवीए के ट्रांसफार्मर से विद्युत निगम 63 केवीए के ट्रांसफार्मर के बराबर लोड का बिल लगा सकता है तो फिर 63 केवीए के ट्रांसफार्मर खरीदकर निगम को हानि पहुंचाई जा रही है।

ये बोले रालोद नेता
रालोद नेता अश्वनी तोमर का कहना है कि सरकार किसान विरोधी काम कर रही है। जनपद में किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्रदेश के किसी भी जनपद में विद्युत दरें नहीं बढ़ाई गईं, मात्र जनपद में ही विद्युत दरें बढ़ाकर किसानों को ठगने का काम किया गया है। जिसके लिए पार्टी कार्यकर्ता किसान संगठनों के साथ जुड़कर संघर्ष कर रहे हैं।

ये बोले एसई
एसई रणविजय सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया था। जांच के लिए एक्सईएन प्रथम को निर्देशित किया है। उधर, एक्सईएन प्रथम दुर्गेश जायसवाल का कहना है कि हाल ही में उनकी नियुक्ति हुई है, जल्द ही जांचकर किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।

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