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Baghpat News: ऑक्सीजन प्लांट चार साल से चला नहीं, बिजली 7.42 लाख रुपये की खर्च हो गई
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कनेक्शन ऑक्सीजन प्लांट के नाम, लैब में बिजली की हो रही खफत की खबर से संबंधित फोटो। सरूरपुर गां
- सरूरपुर कलां गांव के स्वास्थ्य केंद्र में लगवाया गया था ऑक्सीजन प्लांट, एक साल का आया सात लाख 42 हजार रुपये का बिल
- कोरोना काल के बाद से बंद पड़ा है प्लांट, सिलिंडर भी नहीं भरे जा रहे, प्लांट के कनेक्शन से अन्य जगह इस्तेमाल हो रही बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। सरूरपुर कलां के स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन प्लांट चार साल से चला नहीं और वहां सात लाख 42 हजार रुपये की बिजली खर्च हो गई। यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ऑक्सीजन प्लांट पर इतना बिल बकाया बताकर ऊर्जा निगम ने नोटिस भेज दिया है। इस प्लांट से सिलिंडर तक नहीं भरे जाते हैं। इस तरह यह माना जा रहा है कि प्लांट की कनेक्शन से अन्य जगह बिजली इस्तेमाल हो रही है।
कोरोना संक्रमण फैलने के दौरान लोगों के लिए ऑक्सीजन की समस्या हुई तो विधायक निधि से पांच लाख रुपये खर्च करके ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। प्लांट चलाने के लिए ऊर्जा निगम से 50 किलोवाट का बिजली कनेक्शन लिया था। कोरोना काल में ऑक्सीजन की प्लांट से काफी आपूर्ति हुई मगर कोराेना खत्म होने के बाद से प्लांट बंद पड़ा है।
इसको केवल मॉकडि्रल के लिए महीनों बाद घंटेभर के लिए चलाया जाता है। इसके अलावा प्लांट को चलाया नहीं जाता। इसके बावजूद प्लांट का एक साल का बिल सात लाख 42 हजार रुपये आया है। हर किसी के जहन में यह सवाल उठ रहा है कि जब प्लांट बंद था तो इतना बिल कैसे आ गया है। यह भी बताया जा रहा है कि वहां पास में लैब में कनेक्शन नहीं लगा है और प्लांट के कनेक्शन से लैब में बिजली खर्च की जाती है। लैब में मशीन, बड़े फ्रीज, एसी चलते हैं।
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- इन स्वास्थ्य केंद्रों को भी बकाया का नोटिस भेजा
बिलौचपुरा के स्वास्थ्य केंद्र पर चार लाख दस हजार, बड़ौत सीएचसी में बने आवास पर दो लाख 82 हजार, सैडभर के स्वास्थ्य केंद्र पर चार लाख 35 हजार, अग्रवाल मंडी टटीरी के स्वास्थ्य केंद्र पर एक लाख 51 हजार, बुढ़सैनी पर चार लाख 31 हजार, ग्वालीखेड़ा पर तीन लाख 55 हजार, बली में चार लाख 34 हजार, अहेड़ा में चार लाख 16 हजार, डौला सीएचसी पर 17 लाख रुपये का बकाया चल रहा है। ऊर्जा निगम ने इन सभी के नाम पर भी नोटिस भेजा है।
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वर्जन
- जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का बिल लखनऊ से जमा होता है। मुझे बकाया होने की जानकारी नहीं है। यदि बकाया चल रहा है तो शासन को पत्र लिखकर जमा कराया जाएगा। - डॉ. तीरथलाल, सीएमओ
- ढाई साल पहले लैब चलाने के लिए कनेक्शन लेने को सीएमओ कार्यालय में पत्र लिखा गया था। तब से अभी तक कनेक्शन नहीं लगाया गया है। तत्कालीन सीएमओ ने प्लांट की बिजली ही प्रयोग करने की सलाह दी थी। - डॉ. सतेंद्र शर्मा, सीएचसी प्रभारी सरूरपुर कलां
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- कोरोना काल के बाद से बंद पड़ा है प्लांट, सिलिंडर भी नहीं भरे जा रहे, प्लांट के कनेक्शन से अन्य जगह इस्तेमाल हो रही बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। सरूरपुर कलां के स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन प्लांट चार साल से चला नहीं और वहां सात लाख 42 हजार रुपये की बिजली खर्च हो गई। यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ऑक्सीजन प्लांट पर इतना बिल बकाया बताकर ऊर्जा निगम ने नोटिस भेज दिया है। इस प्लांट से सिलिंडर तक नहीं भरे जाते हैं। इस तरह यह माना जा रहा है कि प्लांट की कनेक्शन से अन्य जगह बिजली इस्तेमाल हो रही है।
कोरोना संक्रमण फैलने के दौरान लोगों के लिए ऑक्सीजन की समस्या हुई तो विधायक निधि से पांच लाख रुपये खर्च करके ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। प्लांट चलाने के लिए ऊर्जा निगम से 50 किलोवाट का बिजली कनेक्शन लिया था। कोरोना काल में ऑक्सीजन की प्लांट से काफी आपूर्ति हुई मगर कोराेना खत्म होने के बाद से प्लांट बंद पड़ा है।
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इसको केवल मॉकडि्रल के लिए महीनों बाद घंटेभर के लिए चलाया जाता है। इसके अलावा प्लांट को चलाया नहीं जाता। इसके बावजूद प्लांट का एक साल का बिल सात लाख 42 हजार रुपये आया है। हर किसी के जहन में यह सवाल उठ रहा है कि जब प्लांट बंद था तो इतना बिल कैसे आ गया है। यह भी बताया जा रहा है कि वहां पास में लैब में कनेक्शन नहीं लगा है और प्लांट के कनेक्शन से लैब में बिजली खर्च की जाती है। लैब में मशीन, बड़े फ्रीज, एसी चलते हैं।
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- इन स्वास्थ्य केंद्रों को भी बकाया का नोटिस भेजा
बिलौचपुरा के स्वास्थ्य केंद्र पर चार लाख दस हजार, बड़ौत सीएचसी में बने आवास पर दो लाख 82 हजार, सैडभर के स्वास्थ्य केंद्र पर चार लाख 35 हजार, अग्रवाल मंडी टटीरी के स्वास्थ्य केंद्र पर एक लाख 51 हजार, बुढ़सैनी पर चार लाख 31 हजार, ग्वालीखेड़ा पर तीन लाख 55 हजार, बली में चार लाख 34 हजार, अहेड़ा में चार लाख 16 हजार, डौला सीएचसी पर 17 लाख रुपये का बकाया चल रहा है। ऊर्जा निगम ने इन सभी के नाम पर भी नोटिस भेजा है।
वर्जन
- जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का बिल लखनऊ से जमा होता है। मुझे बकाया होने की जानकारी नहीं है। यदि बकाया चल रहा है तो शासन को पत्र लिखकर जमा कराया जाएगा। - डॉ. तीरथलाल, सीएमओ
- ढाई साल पहले लैब चलाने के लिए कनेक्शन लेने को सीएमओ कार्यालय में पत्र लिखा गया था। तब से अभी तक कनेक्शन नहीं लगाया गया है। तत्कालीन सीएमओ ने प्लांट की बिजली ही प्रयोग करने की सलाह दी थी। - डॉ. सतेंद्र शर्मा, सीएचसी प्रभारी सरूरपुर कलां