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Baghpat News: अफसर करते रहे आराम, बेटियों को नहीं मिला आशीर्वाद
Tue, 01 Apr 2025 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Tue, 01 Apr 2025 12:25 AM IST
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बागपत। सरकार ने जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी के लिए खजाने का मुंह खोलने में कसर नहीं छोड़ी। मगर, अधिकारियों के पूरे साल ध्यान नहीं देने से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह और शादी अनुदान योजना का 47 लाख का बजट शासन को वापस लौटाना पड़ा। इस तरह 124 बेटियां सरकार से आशीर्वाद मिलने से वंचित रह गईं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से 650 बेटियों की शादी का लक्ष्य और बजट मिला था, लेकिन यहां 576 बेटियों के हाथ पील हुए। बाकी 74 बेटियों की शादी के लिए बीडीओ, ईओ, ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य अधिकारी ऑनलाइन आवेदन कराकर पात्र लाभर्थियों का चयन नहीं करा सके। इसलिए वित्त वर्ष के अंतिम दिन 37.74 लाख रुपये का बजट वापस शासन को लौटाना पड़ा। प्रत्येक शादी पर 51 हजार रुपये खर्च करने की दर से बजट मिला था।
वहीं समाज कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना भी धड़ाम हो गई। अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के वह जरूरतमंद परिवार इस योजना से 20 रुपये की मदद ले सकते हैं, जो सामूहिक विवाह के बजाय घर पर बेटियों की शादी करना चाहते हैं। इस शादी अनुदान योजना में 27 बेटियों की शादी के लिए ही आर्थिक मदद दी गई। बाकी 50 बेटियों की शादी का 10 लाख रुपये का बजट भी शासन को वापस लौटाना पड़ा है।
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यदि अधिकारी समय रहते लोगों को जानकारी देकर आवेदन कराते तो बेटियों के हाथ पीले कराने में जरूरतमंच परिवारों को बड़ा सहारा मिलता। इसको लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी तूलिका शर्मा ने कहा कि आवेदन नहीं आने से बजट लौटाना पड़ा है।
वहीं सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि मिलेगी।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से 650 बेटियों की शादी का लक्ष्य और बजट मिला था, लेकिन यहां 576 बेटियों के हाथ पील हुए। बाकी 74 बेटियों की शादी के लिए बीडीओ, ईओ, ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य अधिकारी ऑनलाइन आवेदन कराकर पात्र लाभर्थियों का चयन नहीं करा सके। इसलिए वित्त वर्ष के अंतिम दिन 37.74 लाख रुपये का बजट वापस शासन को लौटाना पड़ा। प्रत्येक शादी पर 51 हजार रुपये खर्च करने की दर से बजट मिला था।
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वहीं समाज कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना भी धड़ाम हो गई। अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के वह जरूरतमंद परिवार इस योजना से 20 रुपये की मदद ले सकते हैं, जो सामूहिक विवाह के बजाय घर पर बेटियों की शादी करना चाहते हैं। इस शादी अनुदान योजना में 27 बेटियों की शादी के लिए ही आर्थिक मदद दी गई। बाकी 50 बेटियों की शादी का 10 लाख रुपये का बजट भी शासन को वापस लौटाना पड़ा है।
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यदि अधिकारी समय रहते लोगों को जानकारी देकर आवेदन कराते तो बेटियों के हाथ पीले कराने में जरूरतमंच परिवारों को बड़ा सहारा मिलता। इसको लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी तूलिका शर्मा ने कहा कि आवेदन नहीं आने से बजट लौटाना पड़ा है।
वहीं सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि मिलेगी।