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Baghpat News: बुजुर्गों और विधवाओं के लिए भी खत्म अफसरों की संवेदना

Tue, 11 Jun 2024 03:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Tue, 11 Jun 2024 03:48 AM IST
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The officers have lost their sympathy for the elderly and widows
बागपत। जिंदगी के आखिरी पड़ाव में परेशानियों से न जूझना पड़े तो सरकार ने वृद्धा अवस्था पेंशन के रूप में मदद की। ऐसे ही सिंदूर उजड़ने पर महिलाओं की मदद के लिए भी विधवा पेंशन के सहारे सरकार से कुछ राहत मिल रही है। मगर यहां इन बुजुर्गों व विधवा महिलाओं के प्रति अफसरों की संवेदना खत्म हो गई है और अपने कार्यालयों में उनकी केवाईसी बंद करा दी। जिससे उनको भटकना पड़ रहा है।
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जिले में केवाईसी नहीं होने के कारण करीब पांच हजार बुजुर्गों और करीब 2200 विधवाओं के बैंक खातों में पेंशन नहीं भेजी गई। जिनकी केवाईसी नहीं हो सकी, वह पेंशन के बारे में जानकारी करने समाज कल्याण विभाग और महिला कल्याण विभाग में आते थे तो उनकी वहां केवाईसी कर दी जाती थी। मगर अब वहां आने वाले पेंशनधारकों को केवाईसी के लिए जनसेवा केंद्रों पर भेजा जा रहा है। जहां उनको रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं तो उनकी केवाईसी भी नहीं हो रही है और उनको भटकना पड़ रहा है।
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जन सेवा केंद्र में केवाईसी कराने में यह सबसे बड़ी समस्या
जन सेवा केंद्रों पर जाकर केवाईसी कराने के लिए लाभार्थी को आधार कार्ड में लिंक मोबाइल नंबर बताना होता है। उसके बाद ही केवाईसी होती है और वह नंबर नहीं मिलने पर केवाईसी नहीं होती है। इसके अलावा वहां उनसे सौ से दो सौ रुपये तक लिए जाते हैं। जबकि विभाग में केवाईसी करने पर अधिकारी का डोंगल इस्तेमाल किया जाता है और लाभार्थी का कोई भी नंबर फीड करने पर केवाईसी हो जाती है।
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चक्कर लगाकर थक चुका बुजुर्ग विकास भवन में रोने लगा
सिसाना गांव का बुजुर्ग सेवाराम सोमवार को अपनी पेंशन की जानकारी करने के लिए विकास भवन में समाज कल्याण विभाग में पहुंचा। जहां उसने अपनी पेंशन दिखवाई, लेकिन खाते में पेंशन नहीं आई। बुजुर्ग सेवाराम ने बताया कि पिछले दो साल से पेंशन के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसके खाते में पेंशन नहीं भेजी गई। अपनी समस्या बताते हुए बुजुर्ग सेवाराम फूट फूटकर रोने लगा। बुजुर्ग सोवाराम ने कर्मचारियों पर अभद्रता तक करने का आरोप लगाया।
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केवाईसी नहीं होने पर अटकी विधवा की पेंशन
महिला कल्याण विभाग में पहुंचे दोघट के रोहित ने बताया कि वह अपनी चाची की पेंशन दिखवाने के लिए आया था। पिछले छह-सात महीने से उसकी चाची के खाते में पेंशन नहीं भेजी गई। कुछ समय पहले खाते की केवाईसी कराने के लिए कहा गया था, लेकिन जनसेवा केंंद्र पर कई बार जाने के बाद भी केवाईसी नहीं हो पाई। अब विभाग में केवाईसी कराने के लिए आया था, लेकिन केवाईसी नहीं की गई।
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बार बार बोलते हैं, आ जाएगी पेंशन
एक साल से अधिक समय बीत गया है, लेकिन मेरे खाते में पेंशन नहीं आई। पेंशन के लिए कई बार विकास भवन में आ चुकी हूं। जहां अधिकारी जल्द ही खाते में पेंशन आने की बात कहकर भेज देते हैं। अब तो किराया भी पड़ोसियों से मांगकर विकास भवन आना पड़ रहा है। जन्नती, ईदरीशपुर।
सात महीने से नहीं आई पेंशन
पिछले सात महीने से विधवा पेंशन मेरे खाते में नहीं भेजी गई। अब विकास भवन आई तो कर्मचारी ने खाते में केवाईसी कराने और गड़बड़ी दूर कराने की जानकारी दी। पेंशन नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संतोष, बिजरौल।

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वर्जन-विकास भवन में आने वाले पेंशन लाभार्थियों की केवाईसी कराकर लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके लिए पंचायतघरों और ब्लाॅकों पर केवाईसी कराई जा रही है। विकास भवन में आने वाले लाभार्थियों की भी केवाईसी नहीं करने के बारे में संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। नीरज कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ।
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