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जेल अंदर बंदी की फोटो का मामला लखनऊ तक गूंजा
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बागपत। जेल के अंदर बंदी के फोटो खींचने का मामला बुधवार को लखनऊ तक गूंजा। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने बागपत जिला कारागार के अंदर बंदियों पर फोटो खींचकर सोशल मीडिया सार्वजनिक किए जाने की शिकायत डीजी जेल और डीजीपी के साथ जिले के स्थानीय अफसरों से की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें 4 फोटो मिले हैं जो बागपत जिला कारागार के अंदर की बताई गई हैं। उन्हें मिली जानकारी अनुसार ये फोटो हत्या, लूट, गैंगस्टर आदि के मुकदमों में बागपत जेल में बंद रहे आयुष तोमर पुत्र सत्येंद्र निवासी सिरसली थाना बिनौली के हैं। ये फोटो उसने जेल में बंद रहने के दौरान खींची गई हैं। पिछले दिनों उसने अपने फेसबुक एकाउंट पर अपलोड किया गया। अमिताभ और नूतन ने कहा कि यदि ये फोटो सही हैं तो यह एक अत्यंत ही गंभीर प्रकरण है, जिसमें एक कुख्यात अपराधी इस तरह जेल के अंदर फोटोग्राफी भी कर रहा है और सारी सुविधाएं भी पा रहा है। उन्होंने इन फोटोग्राफ की सत्यता को सत्यापित कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी ने ट्वीटर पर भी शिकायत की है। फोटो में दिख रहा आयुष सात माह पहले 26 नवंबर 2020 को गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ौत कोतवाली से अस्थाई जेल लाया गया था। बाद में तीन दिसंबर को उसे जिला जेल भेजा गया। उसे कोरोना भी हुआ था। 22 दिसंबर 2020 को वह जमानत पर छूट गया था। ये फोटो बागपत जिला जेल के नहीं हैं। ये किसी और जेल के हो सकते हैं। फोटो में साथ दिख रहे लोग भी बागपत जेल से संबंधित नहीं है। यह जांच का विषय है। - बृजेंद्र कुमार यादव, जेल अधीक्षक।
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उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें 4 फोटो मिले हैं जो बागपत जिला कारागार के अंदर की बताई गई हैं। उन्हें मिली जानकारी अनुसार ये फोटो हत्या, लूट, गैंगस्टर आदि के मुकदमों में बागपत जेल में बंद रहे आयुष तोमर पुत्र सत्येंद्र निवासी सिरसली थाना बिनौली के हैं। ये फोटो उसने जेल में बंद रहने के दौरान खींची गई हैं। पिछले दिनों उसने अपने फेसबुक एकाउंट पर अपलोड किया गया। अमिताभ और नूतन ने कहा कि यदि ये फोटो सही हैं तो यह एक अत्यंत ही गंभीर प्रकरण है, जिसमें एक कुख्यात अपराधी इस तरह जेल के अंदर फोटोग्राफी भी कर रहा है और सारी सुविधाएं भी पा रहा है। उन्होंने इन फोटोग्राफ की सत्यता को सत्यापित कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी ने ट्वीटर पर भी शिकायत की है। फोटो में दिख रहा आयुष सात माह पहले 26 नवंबर 2020 को गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ौत कोतवाली से अस्थाई जेल लाया गया था। बाद में तीन दिसंबर को उसे जिला जेल भेजा गया। उसे कोरोना भी हुआ था। 22 दिसंबर 2020 को वह जमानत पर छूट गया था। ये फोटो बागपत जिला जेल के नहीं हैं। ये किसी और जेल के हो सकते हैं। फोटो में साथ दिख रहे लोग भी बागपत जेल से संबंधित नहीं है। यह जांच का विषय है। - बृजेंद्र कुमार यादव, जेल अधीक्षक।
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