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Baghpat News: शहीद पिता बने देश का गौरव, इकलौता बेटा संभाल रहा सुरक्षा की जिम्मेदारी
Sun, 11 May 2025 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 11 May 2025 01:05 AM IST
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शहीद पिता बने देश का गौरव, इकलौता बेटा संभाल सुरक्षा की जिम्मेदारी की खबर से संबंधित फोटो। गौ
अग्रवाल मंडी टटीरी। आतंकियों से लोहा लेते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले गौरीपुर मीतली के ठाकुर यशपाल सिंह के परिवार में देश प्रेम का जज्बा अलग है। ठाकुर यशपाल सिंह की पत्नी सुनीता देवी ने पति की शहादत के बाद भी इकलौते बेटे दुष्यंत ठाकुर को भी सेना में भेज दिया, जो सीमा पर देश की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं।
गौरीपुर मीतली गांव के ठाकुर यशपाल सिंह बीएसएफ में भर्ती होेने के बाद वर्ष 2011 में जम्मू कश्मीर के सोपोर में तैनात थे। तभी आतंकियों की सूचना मिलने पर सोपोर में तलाशी अभियान चलाया गया, इस दौरान आतंकियों के साथ उनकी मुठभेड़ हो गई। आतंकी हमले में ठाकुर यशपाल सिंह शहीद हो गए।
यशपाल सिंह के परिवार में तब पत्नी सुनीता देवी, उनका नौ वर्षीय बेटा दुष्यंत ठाकुर और तीन वर्षीय बेटी प्रियंका रह गए थे। ठाकुर यशपाल सिंह की शहादत के बाद परिवार में देश प्रेम का जज्बा बढ़ गया और उनकी पत्नी सुनीता ने अपने इकलौते बेटे दुष्यंत को सेना में भेजने की ठान ली। इसके बाद दुष्यंत ठाकुर भी बीएसएफ में भर्ती हो गए, जो वर्तमान में सीमा पर तैनात है। nपति की शहादत पर गर्व, बनवाया स्मारक : ठाकुर यशपाल सिंह की पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। उनके शहीद पति की याद में गांव में स्मारक भी बनवाया गया। आतंकी हमला कराने वाले पाकिस्तान को इस बार मुंहतोड़ जवाब मिला है। वह दोबारा ऐसी हरकतें करने के बारे में दस बार सोचेगा।
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गौरीपुर मीतली गांव के ठाकुर यशपाल सिंह बीएसएफ में भर्ती होेने के बाद वर्ष 2011 में जम्मू कश्मीर के सोपोर में तैनात थे। तभी आतंकियों की सूचना मिलने पर सोपोर में तलाशी अभियान चलाया गया, इस दौरान आतंकियों के साथ उनकी मुठभेड़ हो गई। आतंकी हमले में ठाकुर यशपाल सिंह शहीद हो गए।
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यशपाल सिंह के परिवार में तब पत्नी सुनीता देवी, उनका नौ वर्षीय बेटा दुष्यंत ठाकुर और तीन वर्षीय बेटी प्रियंका रह गए थे। ठाकुर यशपाल सिंह की शहादत के बाद परिवार में देश प्रेम का जज्बा बढ़ गया और उनकी पत्नी सुनीता ने अपने इकलौते बेटे दुष्यंत को सेना में भेजने की ठान ली। इसके बाद दुष्यंत ठाकुर भी बीएसएफ में भर्ती हो गए, जो वर्तमान में सीमा पर तैनात है। nपति की शहादत पर गर्व, बनवाया स्मारक : ठाकुर यशपाल सिंह की पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। उनके शहीद पति की याद में गांव में स्मारक भी बनवाया गया। आतंकी हमला कराने वाले पाकिस्तान को इस बार मुंहतोड़ जवाब मिला है। वह दोबारा ऐसी हरकतें करने के बारे में दस बार सोचेगा।
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