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तेज आंधी ने गिराए आम, बागवानों को लाखों का नुकसान
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- ईख व चारे की फसल को होगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
चांदीनगर। तेज आंधी में रटौल गांव के आम बागानों में लाखाें रुपये का नुकसान हुआ है। पेड़ों से कच्चा आम टूट कर गिर गया। कच्चे आमों को बागवानों ने ओने-पौने दामों में बेचकर नुकसान की भरपाई करने का प्रयास किया।
रटौल गांव के जंगल में करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि में आम के बाग हैं। विश्व प्रसिद्ध रटौल आम पर सोमवार देर रात आई आंधी ने कहर ढहा दिया। बागानों में लाखों रुपये के आम व पेड़ों शाखाएं टूट गई। बाग मालिक अलाउद्दीन ने बताया कि इस बार उन्होंने ऊंचे दामों में बाग खरीदें है, उम्मीद थी कि मुनाफा होगा। लेकिन आंधी में करीब 50 हजार का नुकसान कर दिया है। बागवान आस मोहमद का कहना है कि देर रात आई आंधी से उसके बाग में करीब एक लाख का नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई करना बड़ा मुश्किल होगा। बागवान सलीम का कहना है कि पिछले साल लॉकडाउन के चलते मंडी नहीं खुली थ, जिसमें लाखों रुपये के आम सड़ कर खराब हो गए थे। इस बार देर रात आई आंधी ने लाखों का नुकसान कर दिया है।
विदेशी हैं रटौल के आम के दीवाने
रटौल का आम देश में ही नहीं विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां से अमेरिका, सऊदी अरब, पेरिस, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में भी आम का निर्यात किया जाता है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते आम के निर्यात पर पिछले साल काफी फर्क पड़ा था। इस बार भी हालात ज्यादा अच्छे नजर नहीं आ रहे हैं। जिससे बाग मालिक काफी परेशान हैं
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बारिश से किसानों को फायदा
प्रगतिशील किसान सुभाष नैन ने बताया कि इस समय आंधी से किसानों को कोई ज्यादा नुकसान नहीं होगा। ईख की फसल और चारे की फसल के लिए बारिश फायदेमंद साबित होगी। बारिश से ईख की फसल के रोग भी खत्म होंगे। साथ ही सिंचाई के लिए चिंतित किसानों को भी राहत मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चांदीनगर। तेज आंधी में रटौल गांव के आम बागानों में लाखाें रुपये का नुकसान हुआ है। पेड़ों से कच्चा आम टूट कर गिर गया। कच्चे आमों को बागवानों ने ओने-पौने दामों में बेचकर नुकसान की भरपाई करने का प्रयास किया।
रटौल गांव के जंगल में करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि में आम के बाग हैं। विश्व प्रसिद्ध रटौल आम पर सोमवार देर रात आई आंधी ने कहर ढहा दिया। बागानों में लाखों रुपये के आम व पेड़ों शाखाएं टूट गई। बाग मालिक अलाउद्दीन ने बताया कि इस बार उन्होंने ऊंचे दामों में बाग खरीदें है, उम्मीद थी कि मुनाफा होगा। लेकिन आंधी में करीब 50 हजार का नुकसान कर दिया है। बागवान आस मोहमद का कहना है कि देर रात आई आंधी से उसके बाग में करीब एक लाख का नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई करना बड़ा मुश्किल होगा। बागवान सलीम का कहना है कि पिछले साल लॉकडाउन के चलते मंडी नहीं खुली थ, जिसमें लाखों रुपये के आम सड़ कर खराब हो गए थे। इस बार देर रात आई आंधी ने लाखों का नुकसान कर दिया है।
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विदेशी हैं रटौल के आम के दीवाने
रटौल का आम देश में ही नहीं विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां से अमेरिका, सऊदी अरब, पेरिस, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में भी आम का निर्यात किया जाता है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते आम के निर्यात पर पिछले साल काफी फर्क पड़ा था। इस बार भी हालात ज्यादा अच्छे नजर नहीं आ रहे हैं। जिससे बाग मालिक काफी परेशान हैं
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बारिश से किसानों को फायदा
प्रगतिशील किसान सुभाष नैन ने बताया कि इस समय आंधी से किसानों को कोई ज्यादा नुकसान नहीं होगा। ईख की फसल और चारे की फसल के लिए बारिश फायदेमंद साबित होगी। बारिश से ईख की फसल के रोग भी खत्म होंगे। साथ ही सिंचाई के लिए चिंतित किसानों को भी राहत मिलेगी।