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दोस्ती में एक साथ गई जान
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 18 Jul 2016 01:00 AM IST
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मृतक अभिषेक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मीतली गांव में अधिकांश समय एक साथ रहने वाले तीन दोस्तों की मौत भी एक साथ ही हुई। लोगों ने कहा तीनों किशोर एक साथ ही प्रतिदिन बकरी चराने के लिए जाते थे।
मीतली गांव के अभिषेक, हर्ष और अंकित उर्फ विशु का एक मोहल्ले में मकान है। अंकित की माता मधु की शादी मेरठ के भदौड़ा गांव में हुई थी, लेकिन पिछले काफी समय से मीतली गांव में अपने मायके में ही रहती है।
ग्रामीणों की माने तो तीनों किशोर पक्के दोस्त थे। अधिकांश समय एक साथ ही रहते थे। हर रोज खेत में एक साथ ही बकरी चराने के लिए जाते थे।
एक के बगैर दूसरा अधूरा रहता था, लेकिन किसी को क्या पता था कि मौत भी उन पर एक साथ ही झपटा मारेगी। अज्ञात वाहन अचानक काल बनकर आया और तीनों को मौत की नींद सुलाकर चला गया। उनकी मौत से पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।
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पढ़ने वाले थे बच्चे
ग्रामीणों के मुताबिक अंकित मूलरूप से भदौड़ा का रहने वाला था। वह मीतली गांव में अपनी ननिहाल में रहता था। वह कक्षा पांच में पढ़ता था। मीतली गांव का अभिषेक कक्षा 10 और हर्ष कक्षा छह में पढ़ता था।
वाहन का टुकड़ा बताएगा क्या था वाहन
बागपत। घटनास्थल पर वाहन का एक टुकड़ा पड़ा पड़ा मिला। वह टुकड़ा ही राज खुलेगा की तीनों को मौत देने वाला वाहन क्या था। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
रोड से सात फुट की दूरी पर बैठे थे किशोर
बागपत। ग्रामीणों के अनुसार रोड से करीब सात फुट की दूरी पर बैठकर तीनों किशोर बकरी चरा रहे थे। वाहन ने वहां पर आकर ही उन्हें टक्कर मारी है।
हादसे का मंजर देख कांप उठी रूह
बागपत। मीतली गांव में जिस स्थान पर हादसा हुआ। उसे देख हर किसी की रूह कांप उठी। जानकारी मिलते ही पूरा गांव मौके पर पहुंच गया। घटनास्थल देख कई महिलाएं तो वहां पर ही बेहोश होकर गिर गई। तीनो किशोर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर ही लहूलुहान हालत में पड़े थे।
नहीं जला चूल्हा
बागपत। इस हादसे से पूरा गांव गम में डूबा हुआ है। रविवार शाम किसी भी मकान में चूल्हा नहीं जला। हर किसी की जुबां पर किशोरों की मौत का ही जिक्र था।
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मीतली गांव के अभिषेक, हर्ष और अंकित उर्फ विशु का एक मोहल्ले में मकान है। अंकित की माता मधु की शादी मेरठ के भदौड़ा गांव में हुई थी, लेकिन पिछले काफी समय से मीतली गांव में अपने मायके में ही रहती है।
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ग्रामीणों की माने तो तीनों किशोर पक्के दोस्त थे। अधिकांश समय एक साथ ही रहते थे। हर रोज खेत में एक साथ ही बकरी चराने के लिए जाते थे।
एक के बगैर दूसरा अधूरा रहता था, लेकिन किसी को क्या पता था कि मौत भी उन पर एक साथ ही झपटा मारेगी। अज्ञात वाहन अचानक काल बनकर आया और तीनों को मौत की नींद सुलाकर चला गया। उनकी मौत से पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।
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पढ़ने वाले थे बच्चे
ग्रामीणों के मुताबिक अंकित मूलरूप से भदौड़ा का रहने वाला था। वह मीतली गांव में अपनी ननिहाल में रहता था। वह कक्षा पांच में पढ़ता था। मीतली गांव का अभिषेक कक्षा 10 और हर्ष कक्षा छह में पढ़ता था।
वाहन का टुकड़ा बताएगा क्या था वाहन
बागपत। घटनास्थल पर वाहन का एक टुकड़ा पड़ा पड़ा मिला। वह टुकड़ा ही राज खुलेगा की तीनों को मौत देने वाला वाहन क्या था। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
रोड से सात फुट की दूरी पर बैठे थे किशोर
बागपत। ग्रामीणों के अनुसार रोड से करीब सात फुट की दूरी पर बैठकर तीनों किशोर बकरी चरा रहे थे। वाहन ने वहां पर आकर ही उन्हें टक्कर मारी है।
हादसे का मंजर देख कांप उठी रूह
बागपत। मीतली गांव में जिस स्थान पर हादसा हुआ। उसे देख हर किसी की रूह कांप उठी। जानकारी मिलते ही पूरा गांव मौके पर पहुंच गया। घटनास्थल देख कई महिलाएं तो वहां पर ही बेहोश होकर गिर गई। तीनो किशोर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर ही लहूलुहान हालत में पड़े थे।
नहीं जला चूल्हा
बागपत। इस हादसे से पूरा गांव गम में डूबा हुआ है। रविवार शाम किसी भी मकान में चूल्हा नहीं जला। हर किसी की जुबां पर किशोरों की मौत का ही जिक्र था।