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Baghpat News: फाग गाकर गलियों में घूम हुरियारे देते हैं होली का न्योता
Thu, 13 Mar 2025 12:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 13 Mar 2025 12:08 AM IST
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होली की खबर से संबंधित फोटो। बागपत के पुराना कस्बे में होली पर्व के अवसर पर ढोल बजाते लोग। सं
बागपत। शहर के पुराने कस्बे में 100 साल पुरानी परंपरा से होली का पर्व मनाया जाता है। जहां हुरियारों की टोली होली से पहले दिन ढोल नगाड़ों के साथ फाग गाते हुए गलियों में घूमते हैं और घर घर जाकर होली खेलने का न्योता देते हैं। साथ ही होली पर्व पर भाईचारा बनाए रखने और त्योहार को शांति से मनाने की अपील भी करते हैं।
शहर के पुराने कस्बे में होली का पर्व कुछ अलग तरीके से मनाया जाता था। होली की तैयारियां एक माह पहले ही शुरू हो जाती है। इसके लिए घरों में गुजिया समेत अन्य पकवान बनाए जाते हैं। बताया गया कि कई पीढियों से चली आ रही परंपरा का आज भी भी पालन किया जा रहा है। इसमें पुराने कस्बे के सभी परिवारों के सदस्य भाग लेते हैं।
पुराना कस्बा निवासी श्रीनिवास चौहान, पवन चौहान, चौधरी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि कस्बे में दो दिन पहले ही होली का रंग देखने को मिल जाता है। इसमें पुराने कस्बे के चौहनान, गुजरान, कुम्हारान समेत सभी मोहल्लों के लोग इकट्ठा होकर ढोल नगाड़ों के साथ गीत गाते हुए घर घर जाते हैं। इसके बाद होली के दिन विधि विधान से होलिका की पूजा की जाती है और होलिका दहन होने तक ढोल नगाड़े बजाए जाते हैं।
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शहर के पुराने कस्बे में होली का पर्व कुछ अलग तरीके से मनाया जाता था। होली की तैयारियां एक माह पहले ही शुरू हो जाती है। इसके लिए घरों में गुजिया समेत अन्य पकवान बनाए जाते हैं। बताया गया कि कई पीढियों से चली आ रही परंपरा का आज भी भी पालन किया जा रहा है। इसमें पुराने कस्बे के सभी परिवारों के सदस्य भाग लेते हैं।
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पुराना कस्बा निवासी श्रीनिवास चौहान, पवन चौहान, चौधरी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि कस्बे में दो दिन पहले ही होली का रंग देखने को मिल जाता है। इसमें पुराने कस्बे के चौहनान, गुजरान, कुम्हारान समेत सभी मोहल्लों के लोग इकट्ठा होकर ढोल नगाड़ों के साथ गीत गाते हुए घर घर जाते हैं। इसके बाद होली के दिन विधि विधान से होलिका की पूजा की जाती है और होलिका दहन होने तक ढोल नगाड़े बजाए जाते हैं।
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