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Baghpat News: खेकड़ा के सिद्ध पीठ बाबा काले सिंह शिव मंदिर का इतिहास 250 साल पुराना
Thu, 01 Aug 2024 05:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 01 Aug 2024 05:03 AM IST
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खेकड़ा। कस्बे के सिद्ध पीठ काले सिंह शिव मंदिर का इतिहास 250 साल पुराना है। मान्यता है कि मंदिर के बरगद के पेड पर धागा बांधने से लोगों की मुरादें पूरी होती हैं और मंदिर के कुंड की मिट्टी का शरीर पर लेप करने से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है। श्रावण में दूर-दराज से श्रद्धालु भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए पहुंचते हैं।
पुजारी पंडित अनिल गोनियाल बताते हैं कि मंदिर परिसर में चमत्कारी कुंड है। शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल कुंड में जाता है। इस कुंड की मिट्टी का लेप करने से रोग दूर हो जाते हैं। मंदिर में मुख्य रूप से नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापित है। इसके अलावा मंदिर में मां दुर्गा, हनुमान, श्री राम दरबार, राधा कृष्ण, लक्ष्मीनारायण, वैष्णों देवी और बाबा काले सिंह बाबा का धूना है। बाबा काले सिंह का धूना 24 घंटे चलता रहता है। ऐसा माना जाता है कि धूने की भभूत लगाने से श्रद्धालुओं के कष्टों का निवारण हो जाता है। श्रावण के महीने से कस्बे के अलावा आस-पास के गांव और दूर-दराज से श्रद्धालु मंदिर में भगवान आशुतोष का पूजन करने के लिए पहुंचते हैं।
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पुजारी पंडित अनिल गोनियाल बताते हैं कि मंदिर परिसर में चमत्कारी कुंड है। शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल कुंड में जाता है। इस कुंड की मिट्टी का लेप करने से रोग दूर हो जाते हैं। मंदिर में मुख्य रूप से नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापित है। इसके अलावा मंदिर में मां दुर्गा, हनुमान, श्री राम दरबार, राधा कृष्ण, लक्ष्मीनारायण, वैष्णों देवी और बाबा काले सिंह बाबा का धूना है। बाबा काले सिंह का धूना 24 घंटे चलता रहता है। ऐसा माना जाता है कि धूने की भभूत लगाने से श्रद्धालुओं के कष्टों का निवारण हो जाता है। श्रावण के महीने से कस्बे के अलावा आस-पास के गांव और दूर-दराज से श्रद्धालु मंदिर में भगवान आशुतोष का पूजन करने के लिए पहुंचते हैं।
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