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कब्रिस्तान में नहीं पहचानी जा सकी रुखसार की कब्र

Thu, 30 Mar 2017 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिनौली
ब्यूरो/अमर उजाला, बिनौली Updated Thu, 30 Mar 2017 01:49 AM IST
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The grave of Tukkhasar could not be identified
बिनौली के दोज्जा गांव में कब्र खुदवाने पहुंचे अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दोज्जा गांव के कब्रिस्तान से रुखसार का शव निकालकर पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की टीम पहुंची। दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग जमा हो गए। चार घंटे तक कब्र की पहचान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन मृतका का पिता पुलिस को सही कब्र नहीं बता सका। उसने पुलिस से आठ दिन की मोहलत मांगी है।
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मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के गांव सालेनगर निवासी निसार की बेटी रुखसार की मौत के मामले में कोर्ट ने लाश को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए थे। बुधवार को तहसीलदार बागपत जसबीर सिंह, सीओ  श्वेताभ पांडेय, इंस्पेक्टर बड़ौत मुकेश कुमार, इंस्पेक्टर दोघट रणवीर सिंह यादव और कार्यवाहक एसआई धर्मेंद्र सिंह सिंधु पुलिसबल के साथ दोज्जा स्थित कब्रिस्तान पहुंचे।
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उधर, सालेनगर से निसार, मृतका का चाचा इसरार, आशु, भाई आसिफ, आबिद समेत 20 लोग पहुंचे। उधर, दोज्जा के सैकड़ों ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए, लेकिन चार घंटे की मशक्कत के बाद कब्र ही नहीं खोजी जा सकी। रुखसार के मायके वाले उसकी कब्र की पहचान ही नहीं करा सके।
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यहां कई घंटे तक ऊहापोह की स्थिति बनी रही। आरोप लगाया कि दोज्जा के ग्रामीण धमकी दे रहे हैं कि किसी दूसरी कब्र को खुदवाया तो अच्छा नही होगा। निसार ने पुलिस से आठ दिन का समय मांगते हुए कहा कि वह अपने पक्ष के कुछ ओर लोगों को लेकर आएगा, तब जाकर वह कब्र खुदवाएगा। इसके बाद पुलिस-प्रशासन यहां से लौट गया।

मुर्दा बदलने का भी आरोप लगाया
निसार का कहना था कि जिस कब्र को हमने पहचानने की कोशिश की है, आरोपियों ने उस कब्र को खोदकरकर कब्र का मुर्दा बदल दिया है। जिसके बाद उसने प्रशासन से आठ दिन का समय मांगा। 

क्या कहते हैं दोज्जा के ग्रामीण 
दोज्जा के ग्रामीणों ने कहा रुखसार की मौत के बाद कई बार पंचायत हुई। रुखसार के दोनों बच्चों की परवरिश हो रही है, उनके नाम एक बीघा जमीन कर दी। पुलिस केस की सही जांच करेगी तो असलियत सामने आएगी। लड़की पक्ष पर बार-बार पंचायत के फैसलों से मुकरने का आरोप लगाया है।

क्या है रूखसार प्रकरण 
मेरठ के सालेनगर के निसार पुत्र मोहमद अली ने रुखसार का निकाह 26 अगस्त 2012 को बिनौली थाने के दोज्जा गांव के शहजाद पुत्र यामीन से किया। 24 नवंबर 2016 को रुखसार की हालत बिगड़ गई, उसे मेरठ के नर्सिंग होम में भर्ती कराया, वहां उसकी मौत हो गई।


निसार ने कहा उसकी बेटी को दहेज के लिए मारा। बगैर पोस्टमार्टम के रुखसार को सुपुर्द ए खाक किया। निसार ने 18 जनवरी को कोर्ट में दहेज हत्या का पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर बिनौली थाने में रुखसार के पति शहजाद, ससुर यामीन, जेठ जाहिद, जेठानी, देवर, ननद, चचिया ससुर और समेत 8 पर दहेज हत्या का केस दर्ज किया। इसमें कब्र से शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराना था।
 
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