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Baghpat News: खुद की कमाई करने वाली पंचायतों पर सरकार मेहरबान
Tue, 17 Jun 2025 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Tue, 17 Jun 2025 12:23 AM IST
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सहारनपुर। राज्य सरकार खुद की कमाई करने वाली पंचायतों पर सरकार मेहरबान हुई है। अब ऐसी पंचायतों को पांच गुना प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिन ग्राम पंचायतों की आबादी 1500 तक हैं, उन पंचायतों के लिए सरकार ने यह नई योजना शुरू की है। स्वयं के संसाधनों से आय अर्जित करने वाली पंचायतों को योजना का लाभ मिलेगा। पंचायत प्रतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली धनराशि से विकास कार्य कराए जाएंगे।
जिले में करीब 100 ऐसी पंचायतें हैं जिनकी आबादी 1500 से कम है। इन पंचायतों को मिलने वाली वित्तीय राशि बहुत कम होती है। ऐसे में यह राशि पंचायत सहायक, केयर टेकर व अन्य मानदेय में खर्च हो जाती है। विकास कार्यों के लिए कुछ खास पैसा नहीं बचता है। अब सरकार ने ऐसी पंचायतों के विकास कार्य कराने के लिए पंचायत प्रतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है। इसके तहत यदि पंचायतें जनसेवा केंद्र शुल्क, कूड़ा संग्रहण तालाब पट्टा, दुकानों के किराये, जल शुल्क आदि से स्वयं की आय अर्जित करती है तो उन्हें पिछली अर्जित आय की पांच गुना राशि दी जाएगी। इस राशि का उपयोग ग्राम प्रधान या अन्य मानदेय के भुगातन में नहीं होगा। इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग विकास, पेयजल, स्वच्छता, ओडीएफ प्लस जैसे कार्य में ही किया जा सकेगा। स्वयं अर्जित आय के लिए पोर्टल बनाया जाएगा, जो पंचायतों के खर्चों से जुड़ा रहेगा। इस पहल से पंचायतें आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर होंगी।
1500 से कम आबादी वाली ऐसी पंचायतें जो स्वयं की आय अर्जित कर रही है, उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए तैयारी चल रही है। योजना से कम आबादी वाली पंचायतें भी विकास की दौड़ में शामिल हो सकेंगी।
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- आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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जिले में करीब 100 ऐसी पंचायतें हैं जिनकी आबादी 1500 से कम है। इन पंचायतों को मिलने वाली वित्तीय राशि बहुत कम होती है। ऐसे में यह राशि पंचायत सहायक, केयर टेकर व अन्य मानदेय में खर्च हो जाती है। विकास कार्यों के लिए कुछ खास पैसा नहीं बचता है। अब सरकार ने ऐसी पंचायतों के विकास कार्य कराने के लिए पंचायत प्रतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की है। इसके तहत यदि पंचायतें जनसेवा केंद्र शुल्क, कूड़ा संग्रहण तालाब पट्टा, दुकानों के किराये, जल शुल्क आदि से स्वयं की आय अर्जित करती है तो उन्हें पिछली अर्जित आय की पांच गुना राशि दी जाएगी। इस राशि का उपयोग ग्राम प्रधान या अन्य मानदेय के भुगातन में नहीं होगा। इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग विकास, पेयजल, स्वच्छता, ओडीएफ प्लस जैसे कार्य में ही किया जा सकेगा। स्वयं अर्जित आय के लिए पोर्टल बनाया जाएगा, जो पंचायतों के खर्चों से जुड़ा रहेगा। इस पहल से पंचायतें आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर होंगी।
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1500 से कम आबादी वाली ऐसी पंचायतें जो स्वयं की आय अर्जित कर रही है, उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए तैयारी चल रही है। योजना से कम आबादी वाली पंचायतें भी विकास की दौड़ में शामिल हो सकेंगी।
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- आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी।