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Baghpat News: एलईडी की चमक वाली पढ़ाई से धुंधला हो रहा भविष्य

Wed, 30 Jul 2025 01:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 01:06 AM IST
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The future is getting blurred due to LED's bright study
बड़ौत। नगर के पठानकोट स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षामित्र पर 150 बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा है। आप खुद समझ सकते हैं कि अकेली शिक्षामित्र इतने बच्चों को कैसे पढ़ा सकती है। इसलिए दो कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने के लिए एलईडी लगाकर काम चलाया जा रहा है, मगर एलईडी के सहारे बच्चे ढंग से नहीं पढ़ पा रहे हैं।
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नगर क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के टोटे के कारण इनमें पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य भगवान भरोसे है। पठानकोट स्थित प्राथमिक विद्यालय में इस तरह के हालात हैं और यहां शिक्षामित्र सरोज अकेले ही 150 बच्चों को पढ़ा रही हैं। कक्षा एक व दो के बच्चों को पढ़ाने के लिए कक्षा में एलईडी लगाई गई है। इसके माध्यम से बच्चों को अ, आ, इ, ई के साथ ही ए, बी, सी, डी और गिनती का अभ्यास कराया जाता है। शिक्षामित्र ने बताया कि बच्चों को होमवर्क देना, कॉपी की जांच करना, पढ़ाना समेत अन्य कार्य करना अकेली शिक्षिका के लिए संभव नहीं है। इसके लिए कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, मगर कोई समाधान नहीं हुआ।
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बड़ौत के अन्य दो स्कूलों की स्थिति भी खराब
इसके अलावा पट्टी चौधरान में प्राथमिक बाल विद्या मंदिर का भी यही हाल है। यहां पर बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा शिक्षामित्र पूनम पर है। उनका कहना है कि अकेली शिक्षिका सैकड़ों बच्चों को किस तरह पढ़ा सकती हैं। पढ़ाई के अलावा स्कूल संबंधित अभिलेखों को भी तैयार करना होता है। उधर, नगर के बड़का रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय शिशु शिक्षालय में 140 बच्चे पढ़ते हैं। इन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी अकेले सहायक अध्यापक विपिन कुमार पर है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलना मुश्किल है। प्रत्येक कक्षा में एक शिक्षक होना जरूरी है। इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
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--- वर्जन --
नगर व देहात क्षेत्र के स्कूलों की व्यवस्था अलग है। देहात से नगर क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों का समायोजन करने का नियम नहीं है। शिक्षकों की तैनाती के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा हुआ है। -गीता चौधरी, बीएसए
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