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किसानों ने की कृषि कानूनों की तेरहवीं, ब्रह्मभोज कराया
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बड़ौत के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने में शामिल किसानों को सम्ब
- फोटो : BARAUT
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर किसानों का धरना 21वें दिन भी जारी रहा
कहा कि कृषि कानूनों की वापसी तक किसान बड़ौत से हटने वाले नहीं
बड़ौत (बागपत)। नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर किसानों का धरना 21वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को कृषि कानूनों की तेरहवीं का आयोजन कर ब्रह्मभोज कराया गया। किसानों ने कहा कि हक मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। कृषि कानूनों की वापसी तक किसान बड़ौत से हटने वाले नहीं है। सरकार जिद पर अड़ी है तो किसान भी पीछे हटने वाले नहीं है। लड़ाई आरपार की होगी।
देशखाप के थांबेदार चौधरी ब्रजपाल सिंह के नेतृत्व में 21वें दिन भी किसानों का धरना जारी रहा। सर्वप्रथम धरनास्थल पर मौजूद किसानों ने नए कृषि कानून की तेरहवीं की। सुबह यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें किसानों ने आहुतियां दी। यज्ञ के उपरांत किसानों को ब्रह्मभोज कराया गया। दोपहर बाद चौबासी खाप चौधरी सुभाष की अध्यक्षता व विकास प्रधान व सभासद आशुतोष तोमर के संयुक्त संचालन में जनसभा का आयोजन किया गया। आचार्य बलजोर सिंह ने कहा कि यदि सरकार जल्द नहीं चेती तो धरने पर किसानों की संख्या बढ़ेगी। अब किसान अपना हक लेकर ही रहेगा। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर व युवा रालोद जिलाध्यक्ष प्रमेन्द्र तोमर ने कहा कि सरकार यह सोचती है कि किसान कमजोर है और वह आंदोलन से पीछे हट जाएंगे, सरकार की यह सोच गलत है। अब किसान संगठित हो गया है। किसान नए कृषि कानून को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। विक्रम आर्य व सुमेर सिंह आर्य ने कहा कि जब लॉकडाउन में देश की जनता घर मेें थी, तब किसान खेतों में मेहनत कर देश की जीडीपी बढ़ाने में योगदान दे रहा था, इसके बावजूद सरकार का किसानों के प्रति ऐसा रवैया बहुत खराब है। अब किसान समझ चुका है और नए कृषि कानून को वापस कराकर ही दम लेगा।
महिलाओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर दिया समर्थन
धरने पर सभासद रेनू तोमर के नेतृत्व में काफी संख्या में महिलाएं पहुंची। सभासद रेनू तोमर ने कहा कि तानाशाही मोदी सरकार के खिलाफ चल रहे किसानों के धरने को महिलाएं भी अपना समर्थन देती है। अब महिलाएं भी पीछे हटने वाली नहीं है।
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ये रहे मौजूद
नरेश, मनु तोमर, सोनू सिनौली, विपिन ढिकाना, रणधीर ढिकाना, शरद तोमर, राकेश ढिकाना, धीरज पाल सिंह तोमर, यशवीर ढिकाना, यशवंत तोमर, राहुल चौधरी, सागर तोमर एडवोकेट, विकास मलिक एडवोकेट, जगबीर सिंह, धर्मपाल सिंह, सतीश तोमर, सुरेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, रविंद्र, रणवीर सिंह, बीरेंद्र बदरखा, हरपाल चौधरी, विनोद मान सोहनपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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कहा कि कृषि कानूनों की वापसी तक किसान बड़ौत से हटने वाले नहीं
बड़ौत (बागपत)। नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर किसानों का धरना 21वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को कृषि कानूनों की तेरहवीं का आयोजन कर ब्रह्मभोज कराया गया। किसानों ने कहा कि हक मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। कृषि कानूनों की वापसी तक किसान बड़ौत से हटने वाले नहीं है। सरकार जिद पर अड़ी है तो किसान भी पीछे हटने वाले नहीं है। लड़ाई आरपार की होगी।
देशखाप के थांबेदार चौधरी ब्रजपाल सिंह के नेतृत्व में 21वें दिन भी किसानों का धरना जारी रहा। सर्वप्रथम धरनास्थल पर मौजूद किसानों ने नए कृषि कानून की तेरहवीं की। सुबह यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें किसानों ने आहुतियां दी। यज्ञ के उपरांत किसानों को ब्रह्मभोज कराया गया। दोपहर बाद चौबासी खाप चौधरी सुभाष की अध्यक्षता व विकास प्रधान व सभासद आशुतोष तोमर के संयुक्त संचालन में जनसभा का आयोजन किया गया। आचार्य बलजोर सिंह ने कहा कि यदि सरकार जल्द नहीं चेती तो धरने पर किसानों की संख्या बढ़ेगी। अब किसान अपना हक लेकर ही रहेगा। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर व युवा रालोद जिलाध्यक्ष प्रमेन्द्र तोमर ने कहा कि सरकार यह सोचती है कि किसान कमजोर है और वह आंदोलन से पीछे हट जाएंगे, सरकार की यह सोच गलत है। अब किसान संगठित हो गया है। किसान नए कृषि कानून को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। विक्रम आर्य व सुमेर सिंह आर्य ने कहा कि जब लॉकडाउन में देश की जनता घर मेें थी, तब किसान खेतों में मेहनत कर देश की जीडीपी बढ़ाने में योगदान दे रहा था, इसके बावजूद सरकार का किसानों के प्रति ऐसा रवैया बहुत खराब है। अब किसान समझ चुका है और नए कृषि कानून को वापस कराकर ही दम लेगा।
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महिलाओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर दिया समर्थन
धरने पर सभासद रेनू तोमर के नेतृत्व में काफी संख्या में महिलाएं पहुंची। सभासद रेनू तोमर ने कहा कि तानाशाही मोदी सरकार के खिलाफ चल रहे किसानों के धरने को महिलाएं भी अपना समर्थन देती है। अब महिलाएं भी पीछे हटने वाली नहीं है।
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ये रहे मौजूद
नरेश, मनु तोमर, सोनू सिनौली, विपिन ढिकाना, रणधीर ढिकाना, शरद तोमर, राकेश ढिकाना, धीरज पाल सिंह तोमर, यशवीर ढिकाना, यशवंत तोमर, राहुल चौधरी, सागर तोमर एडवोकेट, विकास मलिक एडवोकेट, जगबीर सिंह, धर्मपाल सिंह, सतीश तोमर, सुरेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, रविंद्र, रणवीर सिंह, बीरेंद्र बदरखा, हरपाल चौधरी, विनोद मान सोहनपाल सिंह आदि मौजूद रहे।