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लातूर में गन्ने ने किए सूखे के हालात, अब बागपत की बारी

Thu, 21 Apr 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Thu, 21 Apr 2016 12:04 AM IST
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The drought situation in sugarcane, now turn baghpat
सेंट एंजेल्स स्कूल में बच्चो को संबोधित करते जलपुरुष राजेंद्र सिंह। - फोटो : amar ujala
बागपत में मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा लातूर (महाराष्ट्र) में गन्ने ने सूखे के हालात पैदा कर दिए। छोटे से लातूर में 15 शुगर फैक्ट्रियां हैं। बागपत के लोगों के लालच और गन्ने की खेती ने बागपत को व्हाइट जोन से डार्क जोन में ला दिया है। यहां लोगों को यह बात तब समझ में आएगी जब बागपत में लातूर जैसे हालात बन जाएंगे।
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 जलपुरुष राजेंद्र सिंह बुधवार को सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल में जल एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर आयोजित संगोष्ठी के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा लातूर में गन्ना ही गन्ना बोया जा रहा है। गन्ने की फसल के लिए पानी भारी मात्रा में चाहिए। इससे वहां सूखे के हालत पैदा हो गए हैं। बताया कि वहां छोटी सी जगह में 15 शुगर मिलें हैं। वहां गन्ने की खेती बंद करनी पड़ेगी। नई कोई फैक्ट्री नहीं लगने दी जाए। बागपत के लोगों को लातूर से सबक लेना होगा।
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यहां गन्ना बोने से मना किया जाए तो बवाल मच जाएगा, लेकिन यह हकीकत है कि लोगों की लापरवाही, लालच और खुदगर्जी ने बागपत को व्हाइट जोन से डार्क जोन में पहुंचाया है। गन्ना ही यहां की स्थिति के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा  राजस्थान में लोगों ने पानी की कीमत समझी, उनकी बात को माना और परिस्थितियों को बदल डाला, लेकिन बागपत में उन्होंने तालाबों पर कब्जा हटवाने के लिए प्रयास किया तो राजनीतिक लोगों ने भड़काना शुरू कर दिया। काफी प्रयास किया, लेकिन राज नेताओं ने बागपत में जल संरक्षण का कोई काम नहीं होने दिया।
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बताया कि चंपारण से एक मई से जल सत्याग्रह शुरू होगा। जल से संबंधित मुद्दे उठाए जाएंगे। जल के प्रयोग का समान अधिकार मिले। इसके लिए वाटर सिक्योरिटी एक्ट की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा परंपरागत जल प्रबंधन खत्म हो गया है। इसके लिए सरकार को प्रतिबद्धता दिखानी होगी। इससे पूर्व उन्होंने बच्चों का जल संरक्षण एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग के बारे में बताया और छात्र-छात्राओं के प्रश्नों के जवाब दिए। स्कूल प्रबंधक अजय गोयल, प्रधानाचार्य एमपी जोशी, कृष्णपाल सिंह मौजूद रहे।

250 जिलों की हालत लातूर से भी खराब
जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने बताया सिर्फ लातूर ही नहीं देश के 250 जिलों की स्थिति इससे भी भयानक है। महोबा की हालत इससे 10 गुना खराब है। यहां तो अपने मां-बाप तक को जंगल में छोड़ रहे हैं लोग।

पांच करोड़ लीटर का वाटर टैंक बनायाः राजेंद्र सिंह ने बताया  लातूर में पांच करोड़ लीटर का वाटर टैंक बनाया गया है। एक मई से उसमें जल संचयन किया जाएगा। सरकार को वाटर रिजर्व करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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