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बंद पड़े शिवालयों के कपाट, नहीं बिक रही पूजा सामग्री
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पूजा के सामान की ब्रिकी को लेकर ग्राहकों की बांट जोहता दुकानदार
- फोटो : BARAUT
बड़ौत। सावन माह चल रहा है। इन दिनों शिवालयों में शिवार्चन, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, अति रुद्री, लघु रुद्री, रुद्री पाठ आदि आयोजन किए जाते हैं। मगर, कोरोना संकट के चलते इन धार्मिक आयोजनों पर पाबंदी है। ऐसे में पूजा सामग्री का कारोबार भी 15 से 20 प्रतिशत ही रह गया है। इससे कारोबारी चिंतित हैं।
दुकानदार दीपक का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 15 फीसदी भी कारोबार नहीं हो पा रहा है। सावन में शिवलिंग, सफेद शिवलिंग, तांबे का नाग, पार्थिव पूजा किट, आटा, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पीला कुमकुम, चंदन, रुद्राक्ष माला आदि की डिमांड रहती है, लेकिन इस बार इन सामानों की बिल्कुल भी बिक्री नहीं हो रही है।
दुकानदार सचिन का कहना है कि सावन में सभी लोग शिवालयों में पार्थिव पूजन कराते हैं। पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, श्री दुर्गा मंदिर रेलवे स्टेशन सहित नगर के तमाम बड़े मंदिरों में शिवार्चन किए जाते हैं। कुछ लोग घरों में भी करते हैं। प्रतिबंध की वजह से मात्र 15 फीसदी कारोबार रह गया है।
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दुकानदार बिट्टू का कहना है कि सावन का महीना आते ही बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ जाती थी। मगर, इस बार नाममात्र का ग्राहक बाजार में खरीदारी को आ रहे है। पूजा सामग्री की बिक्री भी कम हुई है। इससे नगरीय सहित देहात क्षेत्र के पूजा सामग्री का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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दुकानदार दीपक का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 15 फीसदी भी कारोबार नहीं हो पा रहा है। सावन में शिवलिंग, सफेद शिवलिंग, तांबे का नाग, पार्थिव पूजा किट, आटा, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पीला कुमकुम, चंदन, रुद्राक्ष माला आदि की डिमांड रहती है, लेकिन इस बार इन सामानों की बिल्कुल भी बिक्री नहीं हो रही है।
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दुकानदार सचिन का कहना है कि सावन में सभी लोग शिवालयों में पार्थिव पूजन कराते हैं। पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर, श्री दुर्गा मंदिर रेलवे स्टेशन सहित नगर के तमाम बड़े मंदिरों में शिवार्चन किए जाते हैं। कुछ लोग घरों में भी करते हैं। प्रतिबंध की वजह से मात्र 15 फीसदी कारोबार रह गया है।
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दुकानदार बिट्टू का कहना है कि सावन का महीना आते ही बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ जाती थी। मगर, इस बार नाममात्र का ग्राहक बाजार में खरीदारी को आ रहे है। पूजा सामग्री की बिक्री भी कम हुई है। इससे नगरीय सहित देहात क्षेत्र के पूजा सामग्री का कारोबार प्रभावित हुआ है।