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अवैध कब्जे के चलते श्मशान नहीं पहुंचे, रास्ते किनारे किया अंतिम संस्कार

Sun, 20 Jun 2021 11:03 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:03 PM IST
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The crematorium did not reach due to illegal occupation, cremated on the side of the road
दोघट (बागपत)। गैडबरा गांव में अवैध कब्जे के चलते ग्रामीण का शव श्मशान तक नहीं ले जाया जा सका तो रास्ते के किनारे उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा। इससे पूर्व सुबह से शाम तक ग्रामीण अधिकारियों से समस्या के समाधान की गुहार लगाते रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अवैध कब्जे के आरोपी ने रास्ते पर भी अंतिम संस्कार का विरोध किया। ग्रामीणों के गुस्से के चलते उसे लौटना पड़ा।
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गैडबरा निवासी 40 वर्षीय राकेश पुत्र बलजोर की रविवार सुबह करीब नौ बजे हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। श्मशान के रास्ते पर अवैध कब्जे के चलते अंतिम संस्कार को ले जाने की समस्या खड़ी हो गई। ग्रामीणों ने पहले एसडीएम को फोन कर समस्या के बारे में बताया, लेकिन कोई भी अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा। इस पर आक्रोशित कुछ ग्रामीणों ने तहसील में अंतिम संस्कार का एलान कर दिया। बड़े-बुजुर्गों ने किसी तरह उन्हें समझाकर शांत किया। इसके बाद ग्रामीणों ने भड़ल पुलिस चौकी प्रभारी श्रीओम गौतम को सूचना दी। चौकी प्रभारी ने फोन पर ही ग्रामीणों को रास्ते पर अंतिम संस्कार न करने को कहा। इस पर ग्रामीणों ने चौकी पर आकर अंतिम संस्कार करने की बात कह दी। इसके बाद पुलिस भी पीछे हट गई।
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शाम तक भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण श्मशान जाने वाले रास्ते पर शव लेकर पहुंचे। भूमिया माता के पास वह अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे तो अवैध कब्जे का आरोपी वहां पहुंच गया। उसने रास्ते पर अंतिम संस्कार का विरोध किया। उसका कहना था कि यहां कोई अवैध कब्जा नहीं है। पुलिस बुलाने की धमकी दी। इस पर ग्रामीणों के साथ धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। ग्रामीणों का गुस्सा देख आरोपी मौके से चला गया। इसके बाद ग्रामीणों ने रास्ते के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया। इस मौके पर प्रधान धर्मपाल सिंह, पूर्व प्रधान विक्रम राणा, चंद्र, अरविंद, धर्मवीर, रामसिंह, नवाब सिंह, सुनील, सुबराम, मामचंद आदि मौजूद रहे।
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यहां ग्रामीण खेतों में अंतिम संस्कार करते हैं। आज रास्ते के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। ऐसे दुखद मामलों में ग्रामीणों को राजनीति नहीं करनी चाहिए। - दुर्गेश मिश्र, एसडीएम बड़ौत।

डीएम कार्यालय पर कर चुके हैं प्रदर्शन
श्मशान के रास्ते पर अवैध कब्जे के चलते गांव में शवों के अंतिम संस्कार की बड़ी समस्या है। जिन लोगों के पास खेती की भूमि है, वह अपने परिजनों का अंतिम संस्कार कर देते हैं। लेकिन भूमि विहीन लोगों को रास्ते पर अंतिम संस्कार करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण डीएम कार्यालय पर भी प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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