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चक्कर काटते-काटते घनचक्कर हो गए फरियादी

Sat, 04 Sep 2021 10:17 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 10:17 PM IST
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The complainant became dizzy while circling
बागपत/बड़ौत/खेकड़ा। शनिवार को बागपत, बड़ौत और खेकड़ा तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किए गए। मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस बागपत तहसील में रहा, जहां नोडल अधिकारी एम देवराज ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। तीन तहसीलों में 121 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से केवल सात का ही निस्तारण हो सका। अधिकांश फरियादियों का कहना था कि समस्या के समाधान के लिए तहसीलों के चक्कर काटते-काटते घनचक्कर बन गए है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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बागपत में नोडल अधिकारी एम देवराज ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने अधिकारियों को शिकायतें लंबित न रखने और समय ये निस्तारण करने के निर्देश दिए। डीएम राजकमल यादव ने अधिकारियों को शिकायती पत्र प्राप्त होते ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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बड़ौत तहसील दिवस में एडीएम अमित कुमार और एसडीएम दुर्गेश मिश्रा ने शिकायतें सुनीं। इस दौरान तहसीलदार प्रदीप कुमार, बीडीओ राहुल वर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी सारधा, जानकी देवी, वन रेंजर राजपाल आदि मौजूद रहे। खेकड़ा तहसील में सीडीओ रणजीत सिंह और एसडीएम अजय कुमार ने लोगों की समस्याएं सुनीं। तहसीलदार आलोक प्रताप सिंह, सीओ युवराज सिंह आदि मौजूद रहे।
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बड़ौत तहसील पहुंची आरती पत्नी श्रवण कुमार निवासी बामनौली ने बताया कि तीन तहसील दिवस से मकान बनवाने की शिकायत करती आ रही हूं, लेकिन आज तक न तो उसका सही जवाब दिया गया है और न ही कोई अधिकारी उसके घर पर पहुंचा है। त्रिपाल निवासी तिलवाड़ा का कहना है कि पिता की मौत हो चुकी है, लेकिन आज तक उनका सरकारी बीमा नहीं मिला है। लगातार दो तहसील दिवस में आने के बावजूद भी सुनवाई नहीं हो रही है। ओम श्री पुत्र रामनिवास निवासी चौबली का कहना है कि चार तहसील दिवस में शिकायत किए जाने के बावजूद आज तक भू-माफिया के कब्जे से भूमि कब्जा मुक्त नहीं हुई है। रामबीर पुत्र कलीराम निवासी बड़ौली का कहना है कि चकरोड पर अवैध कब्जा है, लेकिन तीन बार तहसील दिवस में शिकायत करने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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