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Baghpat News: श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया
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फोटो 5
संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। कस्बे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ एवं गुरु पूजन के बाद कथा प्रारंभ की गई, जिसमें कथा व्यास इंद्रदेव ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र अत्यंत ही विलक्षण व कर्मयोगी रहा है। उन्होंने बालपन से लेकर जीवन पर्यंत अपनी लीलाओं से संसार को पार उतारा है।
कथा व्यास इंद्रदेव ने कहा कि प्रभु की बाल लीलाओं में भी संसार के लिए संदेश दिए गए हैं। बालपन में अनेकों दैत्यो का वध करने में भी लीला रही और संसार से बुरी आत्माओं को चुनकर परलोक भेज देना भी उन्हीं की लीला रही। भगवान के हाथों मरने से भी दुरात्माओं को मोक्ष की प्राप्ति हुई और संसार में शांति की स्थापना हो सकी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलीओं में पूतना वध, कालिया व कंस समेत अनेक दैत्यों का वध कर संसार में शांति स्थापित करना भी जीवन का लक्ष्य रहा। इस मौके पर गोपियों संग श्रीकृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में भगवान की लीलाओं का गलत तरीके से प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने संस्कृति को बचाने के लिए धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। कस्बे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ एवं गुरु पूजन के बाद कथा प्रारंभ की गई, जिसमें कथा व्यास इंद्रदेव ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र अत्यंत ही विलक्षण व कर्मयोगी रहा है। उन्होंने बालपन से लेकर जीवन पर्यंत अपनी लीलाओं से संसार को पार उतारा है।
कथा व्यास इंद्रदेव ने कहा कि प्रभु की बाल लीलाओं में भी संसार के लिए संदेश दिए गए हैं। बालपन में अनेकों दैत्यो का वध करने में भी लीला रही और संसार से बुरी आत्माओं को चुनकर परलोक भेज देना भी उन्हीं की लीला रही। भगवान के हाथों मरने से भी दुरात्माओं को मोक्ष की प्राप्ति हुई और संसार में शांति की स्थापना हो सकी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलीओं में पूतना वध, कालिया व कंस समेत अनेक दैत्यों का वध कर संसार में शांति स्थापित करना भी जीवन का लक्ष्य रहा। इस मौके पर गोपियों संग श्रीकृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में भगवान की लीलाओं का गलत तरीके से प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने संस्कृति को बचाने के लिए धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
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