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Baghpat News: अंग्रेजों के जमाने की पूर्वी यमुना नहर की 194 साल बाद होगी पुनर्स्थापना

Tue, 07 Oct 2025 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:48 AM IST
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The British-era Eastern Yamuna Canal will be restored after 194 years.
अंग्रेजों के जमाने की पूर्वी यमुना नहर की 194 साल बाद होगी पुनर्स्थापना की खबर से संबं​​​धित फो
खास खबर
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- सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद के ढाई लाख किसानों की फसलों की नहर के पानी से होती है सिंचाई
- नहर की पहले 4400 क्यूसेक थी क्षमता, अब केवल दो हजार क्यूसेक रहने से किसानों को समस्या हो रही
- अब 48 करोड़ रुपये से पहले की तरह 17 मीटर चौड़ाई कराई जाएगी, क्षमता बढ़ने से परेशानी दूर होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। अंग्रेजों की जमाने की पूर्वी यमुना नहर की 194 साल बाद पुनर्स्थापना होगी। इसके लिए 48 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं और इनमें से 18 करोड़ रुपये जारी भी हो गए हैं। इस 204 किमी लंबी नहर की पुनर्स्थापना होने से ढाई लाख किसानों की फसलों में सिंचाई की समस्या दूर हो जाएगी।
पूर्वी यमुना नहर का निर्माण वर्ष 1931 में कराया गया था। यह नहर सहारनपुर में हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी से निकल रही है और शामली, बागपत, गाजियाबाद होते हुए दिल्ली तक पहुंचती है। इस नहर के पानी से ढाई लाख किसानों की दो लाख हेक्टेयर भूमि पर फसलों की सिंचाई होती थी। पहले इस नहर की क्षमता 4400 क्यूसेक थी जो अब दो हजार क्यूसेक रह गई है।
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इससे ज्यादा पानी छोड़ने पर नहर टूट जाती है। इसलिए किसानों को शामली से आगे फसलों में सिंचाई के लिए पूरा पानी नहीं मिलता है। इसको देखते हुए ही नहर की पुनर्स्थापना की मांग उठ रही थी जो अब जल्द पूरी होगी। इस नहर के पुनर्स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जो मंजूर हो गया है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि अगले महीने इसका कार्य शुरू हो सकता है।
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- नहर की चौड़ाई भी बढ़ेगी
पूर्वी यमुना नहर की पहले सभी जगह 17 मीटर चौड़ाई थी। अब चौड़ाई दो-तीन मीटर तक कब्जे व कूड़ा डालने के कारण कम हो गई। इसकी पुनर्स्थापना के साथ ही सभी जगह से चौड़ाई बढ़ाकर 17 मीटर कराई जाएगी और आबादी वाली जगहों से इसको पक्का कराया जाएगा। कई जगह पुलों की चौड़ाई भी बढ़वाई जाएगी।
इस तरह नहर पर किसान निर्भर
जिला किसान भूमि
सहारनपुर 80 हजार 78 हजार हेक्टेयर
शामली 60 हजार 42 हजार हेक्टेयर
बागपत 63 हजार 55 हजार हेक्टेयर
गाजियाबाद 47 हजार 25 हजार हेक्टेयर
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पूर्वी यमुना नहर में काफी कम पानी आने के कारण किसानों के लिए सिंचाई की समस्या हो रही थी। इसकी क्षमता पहले की तरह होगी तो किसानों को फायदा मिलेगा। फसलों की पैदावार भी अच्छी होने की उम्मीद है। - सतीश, विनयपुर
हमारे यहां तक नहर में पानी नहीं आने के कारण फसलों की सिंचाई ठीक से नहीं होती है। अपने संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ती है। नहर में पूरा पानी आएगा तो सिंचाई की समस्या खत्म हो जाएगी। - रईस, रटौल

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पूर्वी यमुना नहर की पुनर्स्थापना के लिए 48 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंजूर हो गया और 18 करोड़ रुपये जारी हो गए। इसका कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए आखिर तक पूरा पानी मिल सकेगा। - रजनीश कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग

अंग्रेजों के जमाने की पूर्वी यमुना नहर की 194 साल बाद होगी पुनर्स्थापना की खबर से संबंधित फो

अंग्रेजों के जमाने की पूर्वी यमुना नहर की 194 साल बाद होगी पुनर्स्थापना की खबर से संबंधित फो

अंग्रेजों के जमाने की पूर्वी यमुना नहर की 194 साल बाद होगी पुनर्स्थापना की खबर से संबंधित फो

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