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बुखार में तप रहा शरीर, फिर भी जांच को भटकना पड़ रहा
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बागपत जिला अस्पताल स्थित लैब के बाहर स्ट्रेचर पर लेटा हरचंदपुर गांव निवासी मरीज वकील व जांच न होन
- फोटो : BAGHPAT
बुखार में तप रहा शरीर, फिर भी जांच को भटकना पड़ रहा
बागपत। बुखार में लोगों का शरीर तप रहा है, फिर भी जिला अस्पताल में खून की जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। दोपहर 12 बजे के बाद किसी की जांच नहीं की जाती है। मरीजों को लौटना पड़ रहा है या निजी लैब में पैसे खर्च करके जांच करानी पड़ रही है। यह केवल बुखार के मरीजों की समस्या नहीं है, बल्कि अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीज भी जांच कराने के लिए जूझ रहे हैं।
जिला अस्पताल में बुखार व अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों की खून की जांच कराने के लिए सुबह करीब आठ बजे ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है। जहां दूर के गांवों तक से मरीज पहुंचते हैं। वहां केवल दोपहर 12 बजे तक ही जांच के लिए सैंपल लिया जाता है और उसके बाद मरीजों को वापस भेज दिया जाता है। मरीज ही हालत खराब होने के बावजूद जांच करने से इंकार कर दिया जाता है। इस तरह मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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समय खत्म हो गया, अब वापस जाओ
हरचंदपुर की मुस्कान अपने पिता वकील को बुखार होने पर जांच कराने के लिए जिला अस्पताल में लेकर पहुंची। वह 12 बजे से पहले पहुंच गई थी। उसने पर्चा दिखाया तो उनको पर्चा बाहर का बताकर जांच करने से इंकार कर दिया गया। वह अस्पताल का पर्चा बनवाकर पहुंचे तो उनसे कहा गया कि समय खत्म हो गया है। जबकि वकील की हालत खराब थी।
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महेशपुर चोपड़ा की बबीता की बेटी शिवानी की बुखार से हालत काफी खराब थी। वह भी दोपहर 12 बजे से पहले अस्पताल में पहुंच गई थी। उसे भी समय खत्म होने की बात कहकर जांच से मना कर दिया। इस तरह वह करीब 15 किमी दूर वापस गई और बाहर ही जांच करानी पड़ी।
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जांच नहीं करने पर हंगामा हुआ
जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे से पहले जांच कराने के लिए पहुंचे मरीजों को जांच के लिए मना कर दिया तो वहां हंगामा हो गया। मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया कि वह घंटों से बैठे हुए थे और 12 बजते ही जांच से इंकार कर दिया। इस तरह उनको परेशानी झेलनी पड़ी।
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जिला अस्पताल में स्टाफ की समस्या के कारण 12 बजे तक सैंपल लिए जाते हैं। जिसके बाद जांच करके रिपोर्ट तैयार की जाती है। अगर वहां मरीज पहले से मौजूद थे और 12 बजने पर उनको भी जांच करने से मना किया जा रहा है तो यह गलत है। इसके अलावा कोई ज्यादा बीमार है तो उसकी जांच दोपहर दो बजे तक हो सकती है। जांच नहीं की जा रही तो इसकी जांच कराई जाएगी। - डा. एसके चौधरी, सीएमएस जिला अस्पताल
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बागपत। बुखार में लोगों का शरीर तप रहा है, फिर भी जिला अस्पताल में खून की जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। दोपहर 12 बजे के बाद किसी की जांच नहीं की जाती है। मरीजों को लौटना पड़ रहा है या निजी लैब में पैसे खर्च करके जांच करानी पड़ रही है। यह केवल बुखार के मरीजों की समस्या नहीं है, बल्कि अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीज भी जांच कराने के लिए जूझ रहे हैं।
जिला अस्पताल में बुखार व अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों की खून की जांच कराने के लिए सुबह करीब आठ बजे ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है। जहां दूर के गांवों तक से मरीज पहुंचते हैं। वहां केवल दोपहर 12 बजे तक ही जांच के लिए सैंपल लिया जाता है और उसके बाद मरीजों को वापस भेज दिया जाता है। मरीज ही हालत खराब होने के बावजूद जांच करने से इंकार कर दिया जाता है। इस तरह मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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समय खत्म हो गया, अब वापस जाओ
हरचंदपुर की मुस्कान अपने पिता वकील को बुखार होने पर जांच कराने के लिए जिला अस्पताल में लेकर पहुंची। वह 12 बजे से पहले पहुंच गई थी। उसने पर्चा दिखाया तो उनको पर्चा बाहर का बताकर जांच करने से इंकार कर दिया गया। वह अस्पताल का पर्चा बनवाकर पहुंचे तो उनसे कहा गया कि समय खत्म हो गया है। जबकि वकील की हालत खराब थी।
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महेशपुर चोपड़ा की बबीता की बेटी शिवानी की बुखार से हालत काफी खराब थी। वह भी दोपहर 12 बजे से पहले अस्पताल में पहुंच गई थी। उसे भी समय खत्म होने की बात कहकर जांच से मना कर दिया। इस तरह वह करीब 15 किमी दूर वापस गई और बाहर ही जांच करानी पड़ी।
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जांच नहीं करने पर हंगामा हुआ
जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे से पहले जांच कराने के लिए पहुंचे मरीजों को जांच के लिए मना कर दिया तो वहां हंगामा हो गया। मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया कि वह घंटों से बैठे हुए थे और 12 बजते ही जांच से इंकार कर दिया। इस तरह उनको परेशानी झेलनी पड़ी।
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जिला अस्पताल में स्टाफ की समस्या के कारण 12 बजे तक सैंपल लिए जाते हैं। जिसके बाद जांच करके रिपोर्ट तैयार की जाती है। अगर वहां मरीज पहले से मौजूद थे और 12 बजने पर उनको भी जांच करने से मना किया जा रहा है तो यह गलत है। इसके अलावा कोई ज्यादा बीमार है तो उसकी जांच दोपहर दो बजे तक हो सकती है। जांच नहीं की जा रही तो इसकी जांच कराई जाएगी। - डा. एसके चौधरी, सीएमएस जिला अस्पताल

जांच न होने पर जिला अस्पताल की पर्ची दिखाकर हंगामा करती हरचंदपुर गांव निवासी महिला- फोटो : BAGHPAT

जांच न होने की जानकारी देती महेशपुर चौपड़ा गांव निवासी बबीता- फोटो : BAGHPAT

बागपत सीएचसी में महिला के खून की जांच करती स्वास्थ्यकर्मी- फोटो : BAGHPAT

बागपत सीएचसी में जांच कराने के लिए लाइन में लगी महिलाएं- फोटो : BAGHPAT