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Baghpat News: चौपाल के पिलर में नहीं लगाए गए थे सरिये
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बुढ़ाना। चंधेड़ी गांव में अनुसूचित जाति की चौपाल का लिंटर गिरने से मलबे में दबकर मरने वाले देशवीर का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव में शोक छा गया। चंदे से बनाई गई चौपाल के पिलर में सरिया का प्रयोग नहीं किया गया था।
बुधवार रात देशवीर गांव की चौपाल में बैठा हुआ था। उसके तीन साथी दीवार के पास बैठे हुए थे। ग्राम प्रधान पुरुषोत्तम ने बताया कि देशवीर मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। इसी दौरान चौपाल का एक पिलर खिसकने से लिंटर गिर गया। लिंटर के मलबे में दबने से देशवीर की मौके पर मौत हो गई। बृहस्पतिवार को शव गांव में पहुंचा तो परिवार में शोक छा गया। देशवीर के बेटे मनीष ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। पूर्व विधायक उमेश मलिक, जिला सहकारी बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह, डॉ. सोनू कश्यप, सुरेंद्र सहरावत व सकुल गांव पहुंचे।
प्रधान पुरुषोत्तम ने बताया कि अनुसूचित जाति की यह चौपाल चंदा एकत्र कर बनाई गई थी। आठ माह पहले बनी चौपाल में प्लास्टर का कार्य चल रहा था। ग्राम प्रधान का कहना है कि चौपाल के पिलर मजबूत नहीं थे। सरिये का प्रयोग नहीं किया गया था, शायद इसी कारण पिलर खिसकने से लिंटर गिरा है। र
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बुधवार रात देशवीर गांव की चौपाल में बैठा हुआ था। उसके तीन साथी दीवार के पास बैठे हुए थे। ग्राम प्रधान पुरुषोत्तम ने बताया कि देशवीर मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। इसी दौरान चौपाल का एक पिलर खिसकने से लिंटर गिर गया। लिंटर के मलबे में दबने से देशवीर की मौके पर मौत हो गई। बृहस्पतिवार को शव गांव में पहुंचा तो परिवार में शोक छा गया। देशवीर के बेटे मनीष ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। पूर्व विधायक उमेश मलिक, जिला सहकारी बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह, डॉ. सोनू कश्यप, सुरेंद्र सहरावत व सकुल गांव पहुंचे।
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प्रधान पुरुषोत्तम ने बताया कि अनुसूचित जाति की यह चौपाल चंदा एकत्र कर बनाई गई थी। आठ माह पहले बनी चौपाल में प्लास्टर का कार्य चल रहा था। ग्राम प्रधान का कहना है कि चौपाल के पिलर मजबूत नहीं थे। सरिये का प्रयोग नहीं किया गया था, शायद इसी कारण पिलर खिसकने से लिंटर गिरा है। र
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