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मरीजों को खुद स्ट्रेचर और व्हील चेयर पर लेकर पहुंचे तीमारदार
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हड़ताल के कारण तीमारदार बने स्वास्थ्यकर्मी: बागपत जिला अस्पताल में चार दिन से स्वास्थ्यकर्मियो
- फोटो : BAGHPAT
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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल जारी रही, सीएमओ खुद पैरवी के लिए आए आगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालात यह है कि शनिवार को अस्पताल में मरीज को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर तीमारदार खुद ही लेकर पहुंचे। वहां कई मरीजों को स्ट्रेचर भी नहीं मिली। वहीं, सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार भी एनएचएम कर्मियों की पैरवी के लिए आगे आए। उन्होंने मिशन निदेशक को पत्र लिखकर वेतन व्यवस्थित करने के साथ सामाजिक सुरक्षा दिए जाने की मांग उठाई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन पॉलिसी एवं वेतन विसंगति को दूर कर एक समान वेतन, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानातंरण करने, आउटसोर्स नीति अंतर्गत कार्य करने वाले कर्मियों को समय से वेतन और आयुष्मान योजना के तहत कर्मचारियों को बीमा का लाभ प्रदान करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मियों की हड़ताल का असर जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। तीमारदार शनिवार को खुद मरीज को स्ट्रेचर पर तो कोई व्हील चेयर से उपचार कराता नजर आया।
भाई को खुद स्ट्रेचर पर लेकर आए
अपने भाई बबलू का उपचार कराने पहुंचे डौला के योगेंद्र ने बताया कि उसका भाई शुगर पीड़ित है। वह शनिवार को भाई का उपचार कराने के लिए आया। उसे खुद भाई को स्ट्रेचर से लाकर भर्ती करना पड़ा। चिकित्सकों ने बाद में उसके भाई को मेरठ के लिए रेफर कर दिया। वहीं, डौला निवासी पप्पू अपने भाई प्रमोद को उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा। उसने खुद स्ट्रेचर पर ले जाकर भाई को अस्पताल में भर्ती कराया।
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कोरोनारोधी टीकाकरण की रफ्तार घटी
कर्मचारियों की हड़ताल से कोरोना रोधी टीकाकरण की रफ्तार घट गई है। अधिकतर सेंटरों पर टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष करीब 40 फीसदी टीकाकरण किया जा रहा है।
सीएमओ ने मिशन निदेशक को भेजा पत्र
सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार ने एनएचएम के निदेशक को पत्र भेजा है। जिसमें कहा कि एनएचएम कर्मियों ने कोरोना से बचाव में बेहतर कार्य किया है। इसके बावजूद उनकी सामाजिक सुरक्षा नहीं है। उनका वेतन भी व्यवस्थित नहीं है। इसलिए कोरोना की रोकथाम में उनकी सहभागिता को देखते हुए वेतन व्यवस्थित करने के साथ सामाजिक सुरक्षा दी जाए।
चिकित्सक नहीं मिलने से मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
बागपत। चिकित्सकों के छुट्टी पर होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उपचार के लिए आए मरीजों ने चिकित्सकों पर बाहर से दवा लिखने का भी आरोप लगाया। जिला अस्पताल पहुंची मुकुंदपुर की रईसा ने बताया कि उसके घुटनों में दर्द है। वह तीन दिन से अस्पताल के चक्कर लगा रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ के नहीं मिलने से इलाज नहीं हो पा रहा है। मुकंदपुर की ही जुबेदा ने चिकित्सकों पर बाहर की दवा लिखने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि उसकी मां रईसा के गुर्दों में इंफेक्शन होने से पानी भर गया है। वह शनिवार को मां को लेकर जिला अस्पताल आई थी। चिकित्सक ने बाहर से दवा लिख दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालात यह है कि शनिवार को अस्पताल में मरीज को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर तीमारदार खुद ही लेकर पहुंचे। वहां कई मरीजों को स्ट्रेचर भी नहीं मिली। वहीं, सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार भी एनएचएम कर्मियों की पैरवी के लिए आगे आए। उन्होंने मिशन निदेशक को पत्र लिखकर वेतन व्यवस्थित करने के साथ सामाजिक सुरक्षा दिए जाने की मांग उठाई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन पॉलिसी एवं वेतन विसंगति को दूर कर एक समान वेतन, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानातंरण करने, आउटसोर्स नीति अंतर्गत कार्य करने वाले कर्मियों को समय से वेतन और आयुष्मान योजना के तहत कर्मचारियों को बीमा का लाभ प्रदान करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मियों की हड़ताल का असर जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। तीमारदार शनिवार को खुद मरीज को स्ट्रेचर पर तो कोई व्हील चेयर से उपचार कराता नजर आया।
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भाई को खुद स्ट्रेचर पर लेकर आए
अपने भाई बबलू का उपचार कराने पहुंचे डौला के योगेंद्र ने बताया कि उसका भाई शुगर पीड़ित है। वह शनिवार को भाई का उपचार कराने के लिए आया। उसे खुद भाई को स्ट्रेचर से लाकर भर्ती करना पड़ा। चिकित्सकों ने बाद में उसके भाई को मेरठ के लिए रेफर कर दिया। वहीं, डौला निवासी पप्पू अपने भाई प्रमोद को उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा। उसने खुद स्ट्रेचर पर ले जाकर भाई को अस्पताल में भर्ती कराया।
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कोरोनारोधी टीकाकरण की रफ्तार घटी
कर्मचारियों की हड़ताल से कोरोना रोधी टीकाकरण की रफ्तार घट गई है। अधिकतर सेंटरों पर टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष करीब 40 फीसदी टीकाकरण किया जा रहा है।
सीएमओ ने मिशन निदेशक को भेजा पत्र
सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार ने एनएचएम के निदेशक को पत्र भेजा है। जिसमें कहा कि एनएचएम कर्मियों ने कोरोना से बचाव में बेहतर कार्य किया है। इसके बावजूद उनकी सामाजिक सुरक्षा नहीं है। उनका वेतन भी व्यवस्थित नहीं है। इसलिए कोरोना की रोकथाम में उनकी सहभागिता को देखते हुए वेतन व्यवस्थित करने के साथ सामाजिक सुरक्षा दी जाए।
चिकित्सक नहीं मिलने से मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
बागपत। चिकित्सकों के छुट्टी पर होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उपचार के लिए आए मरीजों ने चिकित्सकों पर बाहर से दवा लिखने का भी आरोप लगाया। जिला अस्पताल पहुंची मुकुंदपुर की रईसा ने बताया कि उसके घुटनों में दर्द है। वह तीन दिन से अस्पताल के चक्कर लगा रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ के नहीं मिलने से इलाज नहीं हो पा रहा है। मुकंदपुर की ही जुबेदा ने चिकित्सकों पर बाहर की दवा लिखने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि उसकी मां रईसा के गुर्दों में इंफेक्शन होने से पानी भर गया है। वह शनिवार को मां को लेकर जिला अस्पताल आई थी। चिकित्सक ने बाहर से दवा लिख दी है।