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Baghpat News: पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम पहुंची खंडवारी, मृदभांड, ईंट और हड्डियां एकत्र करके की जांच

Thu, 30 Oct 2025 01:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Thu, 30 Oct 2025 01:46 AM IST
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The archaeological survey team arrived at Khandwari and collected pottery, bricks and bones for examination.
बागपत। सिसाना गांव में खंडवारी से मिट्टी खोदाई के दौरान प्राचीन मंदिर की आकृति की तरह दीवार दिखाई देने के बाद बुधवार को मेरठ से पुरातत्व सर्वेक्षण की तीन सदस्यीय टीम जांच करने पहुंची। टीम ने मृदभांड, हड्डियां और ईंटों को एकत्र करके जांच की। वहां दीवार के नीचे से मिट्टी हटाने पर प्राचीनकाल में पानी के स्रोत जैसी आकृति दिखाई दी। वहीं ग्रामीणों ने मंदिर की आकृति वाली दीवारों की पूजा अर्चना भी की।
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सिसाना गांव में खंडवारी पर प्राचीन दीवार मिलने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग मेरठ के अफसरों ने संज्ञान लिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद विनोद सिंह रावत ने बुधवार को सहायक पुरातत्वविद विवेक कुमार के साथ तीन सदस्यीय टीम को सिसाना गांव की खंडवारी में जांच करने के लिए भेजा। पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर खंडवारी के बारे में जानकारी की। ग्रामीणों ने खंडवारी के इतिहास के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने मंदिर की आकृति वाली दीवारों की जांच की और उसके नीचे से मिट्टी हटाकर भी देखा। नीचे भी ईंटों से बनी हुई आकृति मिली जो वहां पर पानी के स्रोत होने की तरफ इशारा कर रही है।
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यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया कि दीवारों की आकृति मंदिर की हैं या पानी एकत्रित करने वाले स्रोत कीं। इसके लिए दीवारों की नपाई की गई तो 4.25 मीटर ऊंचाई, 1.10 मीटर चौड़ाई मिली। इस दौरान ग्रामीणों ने खंडवारी क्षेत्र में दूसरी जगह पर ईंट, मृदभांड मिलने के बारे में बताया तो वहां भी जाकर जांच की। वहां पर दूसरी दीवार होने का भी संकेत मिल रहा है। इसके अलावा मिट्टी की ढांग में हड्डियां भी मिलीं। इन सभी को टीम ने एकत्र कर लिया और इनकी जांच करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।
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- टीम ने गुफा भी देखी
खंडवारी के जंगल में पहुंची पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम को ग्रामीणों ने उस गुफा के बारे में बताया, जिसको लेकर दावा किया जाता है कि लाक्षागृह में आग से बचने के लिए पांडव इसी गुफा के रास्ते से खंडवारी में सुरक्षित बाहर निकले थे। इसके बाद टीम ने उस गुफा पर पहुंचकर भी जांच की।
- ग्रामीणों का जमावड़ा, पूजा-अर्चना की
खंडवारी में मंदिर की आकृति वाली दीवारों की बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना की। इसके चलते वहां पर दिनभर ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। वहां आए लोग भी सर्वेक्षण टीम से जांच के बारे में पता लगाने के प्रयास में जुटे रहे। इसके अलावा गांव में खंडवारी के इतिहास को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी होती रहीं।

- देश की धरोहर गलत हाथों में न जाने दें
सहायक पुरातत्वविद विवेक कुमार ने कहा कि खंडवारी में मिले मृदभांड, ईंट और हड्डियां काफी प्राचीन लग रहीं हैं। सर्वेक्षण के बाद ही सही स्थिति के बारे में बताया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह बात स्पष्ट है कि खंडवारी का इतिहास काफी प्राचीन है।। उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल से जुड़ीं वस्तुएं देश की धरोहर हैं और उसकी जांच पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारी ही करेंगे। प्राचीन वस्तुओं को गलत हाथों में जाने से रोकने और इसके लिए अलर्ट रहने की भी अपील की।
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