दस हजार सिपाही संभालेंगे चुनाव की कमान
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मतदान केंद्रों पर कड़ी चौकसी रहेगी। अर्द्धसैनिक बलों में पीएसी, आईटीबीपी, एसएसबी, बीएसएफ, सीआरपीएफ और सीआईएसफ शामिल हैं। इसके अलावा काफी संख्या में यूपी पुलिस के सिपाही तैनात रहेंगे। पिछले चुनावों के सापेक्ष इस बार पुलिस-फोर्स बढ़ाया गया है। उधर, प्रशासन ने छपरौली विधानसभा में चार जोनल मजिस्ट्रेट, 42 सेक्टर मजिस्ट्रेट, बड़ौत के लिए तीन जोनल मजिस्ट्रेट और 32 सेक्टर मजिस्ट्रेट और बागपत के लिए तीन जोनल मजिस्ट्रेट और 31 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। जनपद के लिए 188 माइक्रो आब्जर्वर, 91 वेबकास्टिंग टीम और 150 वीडियोग्राफी टीम के सदस्य तैनात रहेंगे।
यह रहेगी वाहन व्यवस्था
एआरटीओ आरपी मिश्रा ने बताया प्रशासन के लिए 168 छोटे वाहन, 191 बसों की व्यवस्था की गई है। पुलिस के लिए 250 छोटे वाहन और 75 बसें दी गई हैं। मतदान के लिए कुल 684 वाहनों की व्यवस्था की गई है।
वोट डालने के बाद सीधे पहुंचे घर
बागपत। वोट डालने के बाद झुंड बनाकर खड़े होने वाले लोगों पर प्रशासन की नजर रहेगी। किसी भी केंद्र के बाहर भीड़ नजर आती है तो प्रशासन का डंडा चलेगा, क्योंकि असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ सकते हैं, इस कारण यह कदम उठाया है। मतदान के दौरान अक्सर देखा जाता है युवा या अन्य व्यक्ति वोट डालने के बाद मतदान केंद्र या अपने घरों के बाहर चुनावी चर्चा करते हैं। यह ही नहीं वोट डालने जाने वाले लोगों पर भी फब्बितयां कसी जाती है। इससेा माहौल बिगड़ने का अंदेशा रहता है। इन परिस्थितियों को देखकर डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहा मतदान केंद्र और गली मोहल्लों में लोगों का जमावड़ा नहीं लगेगा। वोट डालकर सीधे अपने घर जाएंगे। कहीं भी ज्यादा संख्या में लोग एकत्र दिखाएं देंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। यह ही नहीं केंद्र के बाहर हंगामा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। बूथों पर केवल वोटरों की लाइन रहेगी, अनावश्यक लोग एकत्र नहीं रहेंगे। डीएम ने कहा असामाजिक तत्वों को चिन्हित किया है। उन पर खुफिया विभाग की नजर रहेगी। गड़बड़ी की जरा भी आशंका महसूस हुई तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।