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अलग-अलग योजना के बनेंगे अलग-अलग रजिस्टर
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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को होती थी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। शासन ने परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ा दी है। शासन की योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए विद्यालयों में 13 प्रकार के रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक रजिस्टर में अलग-अलग योजनाओं की जानकारी अंकित की जाएगी। इस सत्र से विद्यालयों में व्यवस्था शुरू की जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों में अब तक छात्र उपस्थिति, एमडीएम, छात्र संख्या, शिक्षक उपस्थिति समेत पांच प्रकार रजिस्टर बनाए जाते थे। इन्हीं में पूरा रिकार्ड दर्ज किया जाता था। जिससे निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दिक्कत आती थी। शासन ने इसमें बदलाव कर अलग-अलग योजना के लिए अलग-अलग रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए हैं। अब विद्यालयों में 13 रजिस्टर बनाए जाएंगे। प्रत्येक रजिस्टर में अलग-अलग योजनाओं का रिकार्ड दर्ज किया जाएगा। इसके अतिरिक्त शिक्षकों को स्कूल क्षेत्र के तीन से 18 साल तक के बच्चों का नाम, शिक्षा का रिकार्ड भी रखना होगा। रजिस्टर की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक की होगी। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर अपूर्ण मिलने पर प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बीएसए राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को स्कूलों में रजिस्टर बनाकर पूरी सूचना दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
ये बनाए जाएंगे रजिस्टर
शिक्षक डायरी, कार्मिक उपस्थिति, छात्र प्रवेश पंजिका, विद्यार्थी उपस्थिति रजिस्टर, एमडीएम पंजिका, निशुल्क सामग्री वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, आय-व्यय एवं चेक रजिस्टर, बैठक रजिस्टर, निरीक्षण रजिस्टर, पत्र व्यवहार रजिस्टर, बाल गणना रजिस्टर, पुस्तकालय व खेलकूद पंजिका।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। शासन ने परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ा दी है। शासन की योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए विद्यालयों में 13 प्रकार के रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक रजिस्टर में अलग-अलग योजनाओं की जानकारी अंकित की जाएगी। इस सत्र से विद्यालयों में व्यवस्था शुरू की जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों में अब तक छात्र उपस्थिति, एमडीएम, छात्र संख्या, शिक्षक उपस्थिति समेत पांच प्रकार रजिस्टर बनाए जाते थे। इन्हीं में पूरा रिकार्ड दर्ज किया जाता था। जिससे निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दिक्कत आती थी। शासन ने इसमें बदलाव कर अलग-अलग योजना के लिए अलग-अलग रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए हैं। अब विद्यालयों में 13 रजिस्टर बनाए जाएंगे। प्रत्येक रजिस्टर में अलग-अलग योजनाओं का रिकार्ड दर्ज किया जाएगा। इसके अतिरिक्त शिक्षकों को स्कूल क्षेत्र के तीन से 18 साल तक के बच्चों का नाम, शिक्षा का रिकार्ड भी रखना होगा। रजिस्टर की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक की होगी। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर अपूर्ण मिलने पर प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बीएसए राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को स्कूलों में रजिस्टर बनाकर पूरी सूचना दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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ये बनाए जाएंगे रजिस्टर
शिक्षक डायरी, कार्मिक उपस्थिति, छात्र प्रवेश पंजिका, विद्यार्थी उपस्थिति रजिस्टर, एमडीएम पंजिका, निशुल्क सामग्री वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, आय-व्यय एवं चेक रजिस्टर, बैठक रजिस्टर, निरीक्षण रजिस्टर, पत्र व्यवहार रजिस्टर, बाल गणना रजिस्टर, पुस्तकालय व खेलकूद पंजिका।
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