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यूएनएचआरसी में बड़ौत का बेटा सलाहकार बना
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:23 AM IST
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सूर्यदेव
- फोटो : amar ujala
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बागपत के बड़ौत के मवीकलां गांव निवासी और जनता वैदिक डिग्री कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर का बेटा सूर्यदेव को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) का सलाहकार बनाया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर गांव में हर्ष की लहर है। परिजनों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई है।
संयुक्त राष्ट्र के सलाहकार बने सूर्यदेव मूलरूप से मवीकलां गांव के रहने वाले है। वर्तमान में वह हांगकांग में रह रहे है और हांगकांग विश्वविद्यालय के विधि विद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर है। बड़ौत के जनता वैदिक डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर रहे पिता सुरेंद्र पाल आर्य ने बताया कि सूर्यदेव का जन्म 5 फरवरी 1973 में मवीकलां गांव में हुआ था।
बचपन यहीं पर बीता है। गांव में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने बड़ौत स्थित जनता इंटर कॉलेज में बारहवीं कक्षा पास की। इसके बाद एलएलएम दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की। इसके बाद पीएचडी सिडनी (आस्ट्रेलिया) से की। बचपन से ही उनका ध्यान पढ़ाई पर रहा है।
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उनकी शादी स्वाति आर्य से हुई है, जो हाल में हांगकांग विवि में ही प्रवक्ता है। मां सत्यवती आर्य बताती है कि सूर्यदेव की शोध रुचि कारोबार, मानवाधिकार, कारपोरेट, सामाजिक जिम्मेदारी, भारत-चीन संवैधानिक कानून और सतत विकास में है। हाल ही में उसने कारोबार और मानवाधिकार पर भारत के नेशनल फ्रेमवर्क पर शोध पत्र लिखा था।
इसी को देखते हुए यूएनएचआरसी ने उन्हें 24 मार्च को मानवाधिकार अंतर्राष्ट्रीय कोर्पोरेशन और अन्य कारोबारी उपक्रमों के मुद्दे पर अपने कार्यबल का सलाहकार नामित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर जिले को गर्व है। बुधाई देने वालों में सत्यवीर उज्ज्वल, बबीता, लवी, प्रिया, शिवम, ग्राम प्रधान संजू, जयवीर शामिल रहे।
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संयुक्त राष्ट्र के सलाहकार बने सूर्यदेव मूलरूप से मवीकलां गांव के रहने वाले है। वर्तमान में वह हांगकांग में रह रहे है और हांगकांग विश्वविद्यालय के विधि विद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर है। बड़ौत के जनता वैदिक डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर रहे पिता सुरेंद्र पाल आर्य ने बताया कि सूर्यदेव का जन्म 5 फरवरी 1973 में मवीकलां गांव में हुआ था।
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बचपन यहीं पर बीता है। गांव में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने बड़ौत स्थित जनता इंटर कॉलेज में बारहवीं कक्षा पास की। इसके बाद एलएलएम दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की। इसके बाद पीएचडी सिडनी (आस्ट्रेलिया) से की। बचपन से ही उनका ध्यान पढ़ाई पर रहा है।
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उनकी शादी स्वाति आर्य से हुई है, जो हाल में हांगकांग विवि में ही प्रवक्ता है। मां सत्यवती आर्य बताती है कि सूर्यदेव की शोध रुचि कारोबार, मानवाधिकार, कारपोरेट, सामाजिक जिम्मेदारी, भारत-चीन संवैधानिक कानून और सतत विकास में है। हाल ही में उसने कारोबार और मानवाधिकार पर भारत के नेशनल फ्रेमवर्क पर शोध पत्र लिखा था।
इसी को देखते हुए यूएनएचआरसी ने उन्हें 24 मार्च को मानवाधिकार अंतर्राष्ट्रीय कोर्पोरेशन और अन्य कारोबारी उपक्रमों के मुद्दे पर अपने कार्यबल का सलाहकार नामित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर जिले को गर्व है। बुधाई देने वालों में सत्यवीर उज्ज्वल, बबीता, लवी, प्रिया, शिवम, ग्राम प्रधान संजू, जयवीर शामिल रहे।