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Baghpat News: खेत की जगह कागजों में उगी गन्ने की फसल
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बागपत। किसानों के पास जमीन नहीं होने के बाद भी गन्ना विभाग में उनके फर्जी बांड बन गए और उन बांड में सत्र 2025-26 में पर्ची जारी होने पर गन्ना भी डाला गया। गन्ना विभाग ने गन्ने की फसल का सर्वे कराया तो 28 फर्जी बांड का खुलासा हुआ। अब ऐसे किसानों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं सर्वे में 1109 किसान मृतक मिले हैं, जिनके परिवार वालों को बांड को अपने नाम पर ट्रांसफर कराने का मौका दिया गया है।
जिले में इस बार गन्ना विभाग की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार 84 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में 1,35,257 किसानों ने गन्ने की फसल उगाई है। इन किसानों ने अपना बांड बनवाने के लिए विभाग में पंजीकरण भी करवाया। विभाग ने गन्ने की फसल का सर्वे होने के बाद सट्टा प्रदर्शन के साथ ही पर्चियों का कैलेंडर जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली क्योंकि इस बार सभी चीनी मिलें अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में शुरू करने का दावा किया जा रहा है।
इसलिए कराया जाता है सर्वे
गन्ना विभाग की ओर से हर साल इसलिए सर्वे कराया जाता है, जिससे यह पता लग सके कि बागपत, रमाला व मलकपुर शुगर मिलों में कितने-कितने गन्ने की पेराई होगी। इसके साथ ही गन्ना बांड के लिए पंजीकरण करवाने वाले किसानों में फर्जी, भूमिहीन, मृतक और डबल बांड बनवाने वाले किसान तो नहीं हैं। इस पूरी जांच में ऐसे 28 किसान मिले, जिनके पास जमीन ही नहीं है। इन सभी के बांड निरस्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही भेजे गए नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आखिर इनके बांड कैसे बने हैं और इसमें गन्ना विभाग के कर्मियों की मिलीभगत है या नहीं।
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मृतक किसानों के परिजनों का बनेगा बांड
जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि बागपत गन्ना विकास समिति में 338 मृतक व सात भूमिहीन, मलकपुर में 562 मृतक, रमाला में 209 मृतक व 21 भूमिहीन मिले। मृतक किसानों के पात्र परिजनों के बांड बनाए जाएंगे। मृतक किसानों के पात्र और वारिस परिजन अपनी संबंधित सहकारी गन्ना समिति से संपर्क कर अपना गन्ना बांड बनवा सकते हैं।
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वर्जन
- जिले में 28 किसान भूमिहीन मिले हैं और उनका बांड बना हुआ था। उनके बांड निरस्त कर दिए गए हैं। इसकी जांच चल रही है कि उनके बांड कैसे बने। किसी की मिलीभगत सामने आती है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी
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जिले में इस बार गन्ना विभाग की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार 84 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में 1,35,257 किसानों ने गन्ने की फसल उगाई है। इन किसानों ने अपना बांड बनवाने के लिए विभाग में पंजीकरण भी करवाया। विभाग ने गन्ने की फसल का सर्वे होने के बाद सट्टा प्रदर्शन के साथ ही पर्चियों का कैलेंडर जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली क्योंकि इस बार सभी चीनी मिलें अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में शुरू करने का दावा किया जा रहा है।
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इसलिए कराया जाता है सर्वे
गन्ना विभाग की ओर से हर साल इसलिए सर्वे कराया जाता है, जिससे यह पता लग सके कि बागपत, रमाला व मलकपुर शुगर मिलों में कितने-कितने गन्ने की पेराई होगी। इसके साथ ही गन्ना बांड के लिए पंजीकरण करवाने वाले किसानों में फर्जी, भूमिहीन, मृतक और डबल बांड बनवाने वाले किसान तो नहीं हैं। इस पूरी जांच में ऐसे 28 किसान मिले, जिनके पास जमीन ही नहीं है। इन सभी के बांड निरस्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही भेजे गए नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आखिर इनके बांड कैसे बने हैं और इसमें गन्ना विभाग के कर्मियों की मिलीभगत है या नहीं।
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मृतक किसानों के परिजनों का बनेगा बांड
जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि बागपत गन्ना विकास समिति में 338 मृतक व सात भूमिहीन, मलकपुर में 562 मृतक, रमाला में 209 मृतक व 21 भूमिहीन मिले। मृतक किसानों के पात्र परिजनों के बांड बनाए जाएंगे। मृतक किसानों के पात्र और वारिस परिजन अपनी संबंधित सहकारी गन्ना समिति से संपर्क कर अपना गन्ना बांड बनवा सकते हैं।
वर्जन
- जिले में 28 किसान भूमिहीन मिले हैं और उनका बांड बना हुआ था। उनके बांड निरस्त कर दिए गए हैं। इसकी जांच चल रही है कि उनके बांड कैसे बने। किसी की मिलीभगत सामने आती है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी