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मंदी से दम तोड़ रहा बड़ौत का रिम-धुरा उद्योग
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 06 Aug 2016 02:00 AM IST
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बड़ौत की एक फैक्ट्री में निर्मित धुरे।
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। नगर का प्रमुख रिम-धुरा उद्योग मंदी के चलते लगातार दम तोड़ा जा रहा है। उद्यमियों को सरकार से कोई सुविधा नहीं मिल रही है। गन्ना का भुगतान नहीं होने पर पूरे भारत में मांग भी घट गई है और उधारी में पड़ा पैसा भी नहीं मिल पा रहा है।
बड़ौत मेें रिम-धुरा उद्योग 1956 में शुरू हुआ था, यहां तत्कालीन चेयरमैन प्रेम नारायण शर्मा ने फूलसन के नाम से रिम-धुरा बनाने की फैक्ट्री लगाई थी, वह भी बंद हो चुकी है। दिल्ली रोड पर रिम-धुरा उद्योग की फैक्ट्री स्थापित है, इस रिम-धुरे का इस्तेमाल बुग्गी में किया जाता है।
बड़ौत से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, आंध्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, बिहार, बंगाल, उड़ीसा समेत पूरे भारत में रिम-धुरे की सप्लाई होती थी। पहले यहां एक सौ के लगभग रिम-धुरे बनाने की फैक्ट्री थी, लेकिन समस्याओं के चलते अब मात्र 50 यूनिट ही चालू है, लेकिन वे भी मंदी की मार झेल रही है।
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इस संबंध में चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष जयप्रकाश जैन ने बताया रेल की सुविधा न होने और बिजली और बकाया गन्ना भुगतान न होने पर उद्यमी परेशान हैं। उन्होंने किसान की बुग्गी रिम धुरा लगाया जाता है। उन्होंने बताया गन्ना मिल द्वारा बकाया गन्ना भुगतान नहीं हो रहा है, इसके चलते किसान नई बुग्गी नहीं खरीद पा रहे हैं।
इससे रिम धुरा उद्योग मंदी की मार झेल रहा है।
उद्यमी पीयूष जैन, रायचंद जैन, प्रवीण जैन ने बताया यहां सरकार से उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही है और पर्यावरण के नाम पर पर्यावरण विभाग के अधिकारी उद्यमियों को तंग करते हैं, जबकि इससे पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। उन्होंने मंदा होने से भी उद्योग प्रभावित हो रहा है।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा
सपा के शहर अध्यक्ष शरद जैन ने कहा रिम-धूरा उद्योग नगर का प्रमुख उद्योग है। इनकी समस्याओं के निदान के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा और उद्यमियों से भी बात की जाएगी।
कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामकुमार सिंह ने कहा उद्योग-धंधों से ही क्षेत्र का विकास होता है। यदि नगर का रिम-धूरा उद्योग बंद हो जाएगा तो इनमें काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों के परिवार भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। इस मामले को कांग्रेस प्रमुखता से उठाएगी।
रालोद के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने बताया क्षेत्र में उद्योगों का बंद होना बहुत चिंता का विषय है। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को अवगत कराया जाएगा।
भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने कहा किसी भी हाल में रिम-धूरा उद्योग को बंद नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि यह किसानों से जुड़ा उद्योग है। इस संबंध में बागपत सांसद से बात कर प्रधानमंत्री तक इस मामले तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं पश्चिमी उप्र संयुक्त व्यापार उद्योग मंडल के जिलाध्यक्ष प्रमोद पालीवाल ने कहा उद्यमियों की समस्याओं को संबंधित विभाग के अफसरों से हल कराया जाएगा।
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बड़ौत मेें रिम-धुरा उद्योग 1956 में शुरू हुआ था, यहां तत्कालीन चेयरमैन प्रेम नारायण शर्मा ने फूलसन के नाम से रिम-धुरा बनाने की फैक्ट्री लगाई थी, वह भी बंद हो चुकी है। दिल्ली रोड पर रिम-धुरा उद्योग की फैक्ट्री स्थापित है, इस रिम-धुरे का इस्तेमाल बुग्गी में किया जाता है।
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बड़ौत से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, आंध्र, कर्नाटक, तमिलनाडू, बिहार, बंगाल, उड़ीसा समेत पूरे भारत में रिम-धुरे की सप्लाई होती थी। पहले यहां एक सौ के लगभग रिम-धुरे बनाने की फैक्ट्री थी, लेकिन समस्याओं के चलते अब मात्र 50 यूनिट ही चालू है, लेकिन वे भी मंदी की मार झेल रही है।
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इस संबंध में चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष जयप्रकाश जैन ने बताया रेल की सुविधा न होने और बिजली और बकाया गन्ना भुगतान न होने पर उद्यमी परेशान हैं। उन्होंने किसान की बुग्गी रिम धुरा लगाया जाता है। उन्होंने बताया गन्ना मिल द्वारा बकाया गन्ना भुगतान नहीं हो रहा है, इसके चलते किसान नई बुग्गी नहीं खरीद पा रहे हैं।
इससे रिम धुरा उद्योग मंदी की मार झेल रहा है।
उद्यमी पीयूष जैन, रायचंद जैन, प्रवीण जैन ने बताया यहां सरकार से उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही है और पर्यावरण के नाम पर पर्यावरण विभाग के अधिकारी उद्यमियों को तंग करते हैं, जबकि इससे पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। उन्होंने मंदा होने से भी उद्योग प्रभावित हो रहा है।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा
सपा के शहर अध्यक्ष शरद जैन ने कहा रिम-धूरा उद्योग नगर का प्रमुख उद्योग है। इनकी समस्याओं के निदान के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा और उद्यमियों से भी बात की जाएगी।
कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामकुमार सिंह ने कहा उद्योग-धंधों से ही क्षेत्र का विकास होता है। यदि नगर का रिम-धूरा उद्योग बंद हो जाएगा तो इनमें काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों के परिवार भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। इस मामले को कांग्रेस प्रमुखता से उठाएगी।
रालोद के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने बताया क्षेत्र में उद्योगों का बंद होना बहुत चिंता का विषय है। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को अवगत कराया जाएगा।
भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने कहा किसी भी हाल में रिम-धूरा उद्योग को बंद नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि यह किसानों से जुड़ा उद्योग है। इस संबंध में बागपत सांसद से बात कर प्रधानमंत्री तक इस मामले तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं पश्चिमी उप्र संयुक्त व्यापार उद्योग मंडल के जिलाध्यक्ष प्रमोद पालीवाल ने कहा उद्यमियों की समस्याओं को संबंधित विभाग के अफसरों से हल कराया जाएगा।