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Baghpat News: मान बढ़ाने वाली बेटियों को कागजी सम्मान
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बागपत। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की टॉपर बनकर बेटियां भले ही मान बढ़ा रहीं हों, मगर उनको कागजी सम्मान देकर चक्कर कटाए जा रहे हैं। ऐसी 11 बेटियां हैं, जिनको सम्मान के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये के डमी चेक दिए गए। उनको तीन महीने बाद भी रुपये नहीं मिले। अब वे महिला एवं बाल कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर काट रही हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण विभाग ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत मई 2025 में कार्यक्रम किया था। वहां यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की टॉप-5 में शामिल 11 बेटियों को पांच-पांच हजार रुपये का डमी चेक दिया गया। तब बताया गया था कि जून महीने की आखिर तक उनके खाते में पांच-पांच हजार रुपये पहुंच जाएंगे। बेटियों ने इंतजार किया, मगर उनके खाते में रुपये नहीं आए।
वे विकास भवन में महिला कल्याण विभाग कार्यालय में पहुंचीं तो उनको जल्द ही रुपये आने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया। एक महीने तक इंतजार करने के बाद जुलाई महीने तक भी रुपये नहीं आए तो वे दोबारा कार्यालय में पहुंचीं तो उनको फिर इस तरह ही जवाब दिया गया। अब फिर छात्राएं कार्यालय में पहुंचीं। वे चक्कर काटकर परेशान हो चुकी हैं। उनको यह भी सही से नहीं बताया जा रहा है कि रुपये कब तक मिलेंगे।
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मुझे तीन महीने पहले कलक्ट्रेट में हुए कार्यक्रम में पांच हजार रुपये का डमी चेक दिया गया था। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के कार्यालय में कई बार चक्कर लगा चुकी हूं, मगर हर बार कह दिया जाता है कि जल्द ही रुपये खाते में भेज देंगे। -श्रुति, छात्रा खपराना
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत सम्मानित करते हुए पांच हजार रुपये का डमी चेक दिया गया था। तीन महीने बाद भी रुपये नहीं मिले हैं। कार्यालय में गए थे तो वहां भी सही जानकारी नहीं दी गई। -रुचि, छात्रा ग्वालीखेड़ा
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वर्जन
इसके लिए हर बार जून महीने के आखिर तक बजट मिल जाता था। इस बार किसी कारण से बजट नहीं मिल सका है। उम्मीद है कि इस महीने के आखिर तक बजट मिल जाएगा। बजट आते ही बेटियों के खाते में रुपये भेजे जाएंगे। -अमरचंद वर्मा, एसडीएम
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कलक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण विभाग ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत मई 2025 में कार्यक्रम किया था। वहां यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की टॉप-5 में शामिल 11 बेटियों को पांच-पांच हजार रुपये का डमी चेक दिया गया। तब बताया गया था कि जून महीने की आखिर तक उनके खाते में पांच-पांच हजार रुपये पहुंच जाएंगे। बेटियों ने इंतजार किया, मगर उनके खाते में रुपये नहीं आए।
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वे विकास भवन में महिला कल्याण विभाग कार्यालय में पहुंचीं तो उनको जल्द ही रुपये आने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया। एक महीने तक इंतजार करने के बाद जुलाई महीने तक भी रुपये नहीं आए तो वे दोबारा कार्यालय में पहुंचीं तो उनको फिर इस तरह ही जवाब दिया गया। अब फिर छात्राएं कार्यालय में पहुंचीं। वे चक्कर काटकर परेशान हो चुकी हैं। उनको यह भी सही से नहीं बताया जा रहा है कि रुपये कब तक मिलेंगे।
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मुझे तीन महीने पहले कलक्ट्रेट में हुए कार्यक्रम में पांच हजार रुपये का डमी चेक दिया गया था। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के कार्यालय में कई बार चक्कर लगा चुकी हूं, मगर हर बार कह दिया जाता है कि जल्द ही रुपये खाते में भेज देंगे। -श्रुति, छात्रा खपराना
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत सम्मानित करते हुए पांच हजार रुपये का डमी चेक दिया गया था। तीन महीने बाद भी रुपये नहीं मिले हैं। कार्यालय में गए थे तो वहां भी सही जानकारी नहीं दी गई। -रुचि, छात्रा ग्वालीखेड़ा
वर्जन
इसके लिए हर बार जून महीने के आखिर तक बजट मिल जाता था। इस बार किसी कारण से बजट नहीं मिल सका है। उम्मीद है कि इस महीने के आखिर तक बजट मिल जाएगा। बजट आते ही बेटियों के खाते में रुपये भेजे जाएंगे। -अमरचंद वर्मा, एसडीएम