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छटपटाती अर्थव्यवस्था को चाहिए राहत की बारिश
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बागपत में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में विचार रखते चौधरी इंद्रपाल सिंह
- फोटो : BAGHPAT
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बागपत। बजट पर लोगों की निगाहें टिकी हैं। विभिन्न सेक्टर से आने वाले लोगों को उम्मीद है कि राहत की फुहारें पड़ेंगी, जिससे डगमगाती अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट सकें। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के लिए विशेष ऋण की व्यवस्था के अलावा आयकर की सीमा में छूट, गृहणियों और किसानों को राहत देने वाले बजट की उम्मीद लोग लगाए बैठे हैं। अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में लोगों ने अपनी-अपनी राय रखी।
रोजगार के लिए रास्ता तलाशें
- महिला जाट महासभा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ शालिनी राकेश ने कहा कि बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। सरकार युवाओं के रोजगार का रास्ता निकाले।
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पटरी पर लौटनी चाहिए अर्थ व्यवस्था
- एडवोकेट विजय श्री का कहना है कि अर्थ व्यवस्था बेपटरी है। इसके लिए सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए।
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हेल्थ सेक्टर पर ध्यान दें सरकार
- डॉ सनी तोमर ने कहा कि हेल्थ सेक्टर देश के प्रत्येक तबके को प्रभावित करता है। सरकार जीडीपी बढ़ाने में नाकाम रही है।
आय दोगुनी करने का रास्ता भूली सरकार
- जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर का कहना है कि किसानों की आय दोगुनी करने की बात सरकार ने कही थी, लेकिन अब वादे को भूल गई है। सरकार के पास कोई रास्ता नहीं है। बजट में समाधान निकालना चाहिए।
किसानों के लिए हो बजट
- भाकियू नेता इंद्रपाल सिंह का कहना है कि बजट में किसानों को विशेष राहत मिलनी चाहिए। स्वामीनाथन आयोग के लिए रास्ता निकाला जाए।
नौकरियों की व्यवस्था जरूरी
- शिक्षक अशोक बंधु ने कहा कि सरकार को नौकरियों का रास्ता निकालना होगा। युवा बेरोजगार है और समस्या बढ़ रही है।
जरूरतों पर ध्यान दें सरकार
- दानिश एडवोकेट ने कहा कि सरकार को चाहिए कि देश की प्राथमिकता का बजट पेश करें। वर्तमान हालात से लगता है कि मुद्दों से लोगों का ध्यान हटा दिया गया है।
किसान को रखें सबसे ऊपर
- एडवोकेट देवेंद्र आर्य ने कहा कि किसानों को सबसे ऊपर रखना चाहिए। किसान के लिए विशेष राहत दी जानी चाहिए।
किसान के लिए पेश करें बजट
-भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह का कहना है कि बजट को किसानों के लिए पेश किया जाए। किसान को राहत मिले बिना देश को राहत नहीं मिल सकेगी।
जीएसटी की दरों में मिले छूट
- व्यापारी नेता नंद लाल डोगरा ने कहा कि एमएसएमई उद्योगों के लिए सस्ती ब्याज दरों को ऋण की सुविधा मिलनी चाहिए। कारोबार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार को बजट में पूरी तरह फोकस करना चाहिए।
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करों में मिलनी चाहिए छूट
- व्यापारी नेता संजय रूहेला ने कहा कि इंडस्ट्रियल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन देने की जरूरत है। उद्योगों की हालत अच्छी नहीं है। इसके लिए टैक्स स्लैब को बढ़ाया जाना चाहिए।
अर्थव्यवस्था पर करना होगा काम
- समाजसेवी राधेश्याम शर्मा ने कहा कि बजट मेें अर्थ व्यवस्था पर कार्य करना होगा। आमजन को भरोसा दिलाना होगा कि सरकार उनके साथ है।
गांव और कृषि की अर्थव्यवस्था सुधारें
- व्यापारी जगदीश अरोरा का कहना है कि अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से ग्रामीण और कृषि पर निर्भर है। इससे दोनों की सेक्टरों में निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
चार फीसदी की दर से मिले लोन
उद्यमी जयपाल प्रधान ने कहा कि कि मध्यम उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। किसानों की तर्ज पर उद्यमियों को चार फीसदी की दर पर लोन मिलना चाहिए।
राहतों के बिना नहीं बनेंगी बात
- गजेंद्र सिंह कुंडू ने कहा कि देश ऐसी स्थिति में है कि प्रत्येक वर्ग को राहत चाहिए। बिना राहतों के बात नहीं बनेगी।
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रोजगार के लिए रास्ता तलाशें
- महिला जाट महासभा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ शालिनी राकेश ने कहा कि बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। सरकार युवाओं के रोजगार का रास्ता निकाले।
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पटरी पर लौटनी चाहिए अर्थ व्यवस्था
- एडवोकेट विजय श्री का कहना है कि अर्थ व्यवस्था बेपटरी है। इसके लिए सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए।
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हेल्थ सेक्टर पर ध्यान दें सरकार
- डॉ सनी तोमर ने कहा कि हेल्थ सेक्टर देश के प्रत्येक तबके को प्रभावित करता है। सरकार जीडीपी बढ़ाने में नाकाम रही है।
आय दोगुनी करने का रास्ता भूली सरकार
- जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर का कहना है कि किसानों की आय दोगुनी करने की बात सरकार ने कही थी, लेकिन अब वादे को भूल गई है। सरकार के पास कोई रास्ता नहीं है। बजट में समाधान निकालना चाहिए।
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किसानों के लिए हो बजट
- भाकियू नेता इंद्रपाल सिंह का कहना है कि बजट में किसानों को विशेष राहत मिलनी चाहिए। स्वामीनाथन आयोग के लिए रास्ता निकाला जाए।
नौकरियों की व्यवस्था जरूरी
- शिक्षक अशोक बंधु ने कहा कि सरकार को नौकरियों का रास्ता निकालना होगा। युवा बेरोजगार है और समस्या बढ़ रही है।
जरूरतों पर ध्यान दें सरकार
- दानिश एडवोकेट ने कहा कि सरकार को चाहिए कि देश की प्राथमिकता का बजट पेश करें। वर्तमान हालात से लगता है कि मुद्दों से लोगों का ध्यान हटा दिया गया है।
किसान को रखें सबसे ऊपर
- एडवोकेट देवेंद्र आर्य ने कहा कि किसानों को सबसे ऊपर रखना चाहिए। किसान के लिए विशेष राहत दी जानी चाहिए।
किसान के लिए पेश करें बजट
-भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह का कहना है कि बजट को किसानों के लिए पेश किया जाए। किसान को राहत मिले बिना देश को राहत नहीं मिल सकेगी।
जीएसटी की दरों में मिले छूट
- व्यापारी नेता नंद लाल डोगरा ने कहा कि एमएसएमई उद्योगों के लिए सस्ती ब्याज दरों को ऋण की सुविधा मिलनी चाहिए। कारोबार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार को बजट में पूरी तरह फोकस करना चाहिए।
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करों में मिलनी चाहिए छूट
- व्यापारी नेता संजय रूहेला ने कहा कि इंडस्ट्रियल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन देने की जरूरत है। उद्योगों की हालत अच्छी नहीं है। इसके लिए टैक्स स्लैब को बढ़ाया जाना चाहिए।
अर्थव्यवस्था पर करना होगा काम
- समाजसेवी राधेश्याम शर्मा ने कहा कि बजट मेें अर्थ व्यवस्था पर कार्य करना होगा। आमजन को भरोसा दिलाना होगा कि सरकार उनके साथ है।
गांव और कृषि की अर्थव्यवस्था सुधारें
- व्यापारी जगदीश अरोरा का कहना है कि अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से ग्रामीण और कृषि पर निर्भर है। इससे दोनों की सेक्टरों में निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
चार फीसदी की दर से मिले लोन
उद्यमी जयपाल प्रधान ने कहा कि कि मध्यम उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। किसानों की तर्ज पर उद्यमियों को चार फीसदी की दर पर लोन मिलना चाहिए।
राहतों के बिना नहीं बनेंगी बात
- गजेंद्र सिंह कुंडू ने कहा कि देश ऐसी स्थिति में है कि प्रत्येक वर्ग को राहत चाहिए। बिना राहतों के बात नहीं बनेगी।