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मलकपुर के ग्रामीणों ने एसपी दफ्तर घेरा
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मलकपुर के ग्रामीणों ने एसपी दफ्तर घेरा
बागपत। मलकपुर गांव के ग्रामीणों ने ग्राम सचिव पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाकर एसपी दफ्तर पर प्रदर्शन किया। आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने मिलकर विकास कार्यों के लिए आए करोड़ों रुपये का गबन किया। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत कर जांच कराने की मांग की। इसे लेकर प्रधान व सचिव ने साजिश के तहत शिकायतकर्ताओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया। एसपी ने निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
मलकपुर गांव के काफी संख्या में ग्रामीण बृहस्पतिवार को एसपी दफ्तर पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान कृष्णपाल एवं ग्राम सचिव रोहित खोखर पर विकास कार्यों के लिए आए करोड़ों रुपये का गबन करने का आरोप लगाकर 10 जुलाई एवं 31 सितंबर और नौ अक्तूबर को डीएम शकुंतला गौतम को प्रार्थना पत्र देकर जांच कराने की मांग की। इसकी जांच चल रही है। बुधवार को ग्राम सचिव रोहित खोखर ने सात-आठ शिकायतकर्ताओं पर मारपीट का आरोप लगाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। यह मुकदमा झूठा है। शिकायतकर्ताओं पर डीएम को दी शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए प्रधान व ग्राम सचिव ने मारपीट की झूठी साजिश रची है। ग्राम सचिव ने स्वयं ही सिर में चोट मारकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। एसपी ने आश्वासन दिया कि किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। प्रदर्शन में राजीव, राजवीर, शौकेंद्र, काला, रामचंद्र, रामपाल, साहब सिंह, यशवीर, महावीर सिंह, ब्रहम पाल, देश पाल, शोभाराम, शौकीन पाल, देवेंद्र, वीर सैन, बलजोर, रमेश, गौराच, जितेंद्र, सोमपाल, अनिरुद्ध आदि रहे।
ग्राम प्रधान ने सभी आरोपों को निराधार बताया
बागपत। मलकपुर के प्रधान कृष्णपाल तोमर ने बताया कि बुधवार को ग्राम सचिव रोहित खोखर पुलिया का निर्माण करा रहे थे। इसी समय सात-आठ लोगों ने बिना वजह उसकी पिटाई कर दी। ग्रामीण जो आरोप लगा रहे है वे सभी निराधार है। यदि सचिव ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया तो पुलिस जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन पर लगाए गबन के आरोपों की भी जांच करा ली जाए।
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बागपत। मलकपुर गांव के ग्रामीणों ने ग्राम सचिव पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाकर एसपी दफ्तर पर प्रदर्शन किया। आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने मिलकर विकास कार्यों के लिए आए करोड़ों रुपये का गबन किया। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत कर जांच कराने की मांग की। इसे लेकर प्रधान व सचिव ने साजिश के तहत शिकायतकर्ताओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया। एसपी ने निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
मलकपुर गांव के काफी संख्या में ग्रामीण बृहस्पतिवार को एसपी दफ्तर पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान कृष्णपाल एवं ग्राम सचिव रोहित खोखर पर विकास कार्यों के लिए आए करोड़ों रुपये का गबन करने का आरोप लगाकर 10 जुलाई एवं 31 सितंबर और नौ अक्तूबर को डीएम शकुंतला गौतम को प्रार्थना पत्र देकर जांच कराने की मांग की। इसकी जांच चल रही है। बुधवार को ग्राम सचिव रोहित खोखर ने सात-आठ शिकायतकर्ताओं पर मारपीट का आरोप लगाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। यह मुकदमा झूठा है। शिकायतकर्ताओं पर डीएम को दी शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए प्रधान व ग्राम सचिव ने मारपीट की झूठी साजिश रची है। ग्राम सचिव ने स्वयं ही सिर में चोट मारकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। एसपी ने आश्वासन दिया कि किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। प्रदर्शन में राजीव, राजवीर, शौकेंद्र, काला, रामचंद्र, रामपाल, साहब सिंह, यशवीर, महावीर सिंह, ब्रहम पाल, देश पाल, शोभाराम, शौकीन पाल, देवेंद्र, वीर सैन, बलजोर, रमेश, गौराच, जितेंद्र, सोमपाल, अनिरुद्ध आदि रहे।
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ग्राम प्रधान ने सभी आरोपों को निराधार बताया
बागपत। मलकपुर के प्रधान कृष्णपाल तोमर ने बताया कि बुधवार को ग्राम सचिव रोहित खोखर पुलिया का निर्माण करा रहे थे। इसी समय सात-आठ लोगों ने बिना वजह उसकी पिटाई कर दी। ग्रामीण जो आरोप लगा रहे है वे सभी निराधार है। यदि सचिव ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया तो पुलिस जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन पर लगाए गबन के आरोपों की भी जांच करा ली जाए।
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