{"_id":"68bc9ac9732cd624460cac06","slug":"soldier-death-baghpat-news-c-28-1-bag1001-137921-2025-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: गांगनौली के सेना के क्लर्क की असम में नदी में डूबने से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: गांगनौली के सेना के क्लर्क की असम में नदी में डूबने से मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट। असम के जोरहाट में पैर फिसलने से नदी में गिरकर डूबने से सेना के क्लर्क विक्रांत राठी (27) की मौत हो गई। इसका पता चलने पर परिवार वाले दिल्ली से सेना के हेलिकॉप्टर से असम रवाना हो गए। इससे गांव में शोक छा गया। रविवार को उनका पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
गांगनौली गांव निवासी सेना से सेवानिवृत्त हवलदार अंग्रेज सिंह राठी के इकलौते बेटे विक्रांत राठी वर्ष 2017 में जाट रेजिमेंट में सेना में भर्ती हुए थे। विक्रांत के मामा वेदप्रकाश ने बताया कि विक्रांत राठी असम के जोरहाट में सेना मुख्यालय में स्टोर कीपर टेक्निकल क्लर्क पद पर तैनात थे। शुक्रवार को कार्यालय की छुट्टी होने के कारण वह अपने चार साथियों के साथ जोरहाट से 70 किलोमीटर दूर एक नदी पर घूमने चले गए।
वहां पर नहाते समय विक्रांत का पैर फिसल गया और वह डूबने लगे। उनके साथियों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन बचा नहीं सके। विक्रांत राठी को काफी देर बाद नदी से बाहर निकाला गया। इससे पहले उनकी मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
उधर, सेना मुख्यालय से अंग्रेज सिंह राठी को फोन कर घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद परिवार वाले दिल्ली पहुंचे और वहां से सेना हेलिकॉप्टर से असम चले गए।
विज्ञापन
गांगनौली गांव निवासी सेना से सेवानिवृत्त हवलदार अंग्रेज सिंह राठी के इकलौते बेटे विक्रांत राठी वर्ष 2017 में जाट रेजिमेंट में सेना में भर्ती हुए थे। विक्रांत के मामा वेदप्रकाश ने बताया कि विक्रांत राठी असम के जोरहाट में सेना मुख्यालय में स्टोर कीपर टेक्निकल क्लर्क पद पर तैनात थे। शुक्रवार को कार्यालय की छुट्टी होने के कारण वह अपने चार साथियों के साथ जोरहाट से 70 किलोमीटर दूर एक नदी पर घूमने चले गए।
विज्ञापन
वहां पर नहाते समय विक्रांत का पैर फिसल गया और वह डूबने लगे। उनके साथियों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन बचा नहीं सके। विक्रांत राठी को काफी देर बाद नदी से बाहर निकाला गया। इससे पहले उनकी मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
उधर, सेना मुख्यालय से अंग्रेज सिंह राठी को फोन कर घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद परिवार वाले दिल्ली पहुंचे और वहां से सेना हेलिकॉप्टर से असम चले गए।