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दुकानें बंद कर धरना दिया
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 24 Mar 2016 01:00 AM IST
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मांगो को लेकर गांधी प्याऊ पर धरने पर बैठे स्वर्णकार।
- फोटो : अमर उजाला
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खेकड़ा। केंद्र सरकार द्वारा बजट में स्वर्ण जेवरात पर लगाए गए एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी के विरोध में चल रही राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में बुधवार को नगर के स्वर्णकारों ने धरना दिया।
बुधवार को नगर के स्वर्णकार दुुकानों पर ताले लगाकर जुलूस के रूप में गांधी प्याऊ स्थल पर जमा हुए। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा स्वर्ण जेवरात पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाने से कारोबारी के अलावा ग्राहक को भी नुकसान होगा। ग्राहक को जहां महंगी दरों पर विवाह शादियों के लिए जेवरात का निर्माण कराना पडेे़गा।
वही स्वर्णकारों के प्रतिष्ठानों पर आए दिन अधिकारी दबिश देंगे। इससे इंस्पेक्टर राज की वापसी होगी। उन्होंने कहा देश में सर्राफा कारोबार कुटीर उद्योग में दर्ज है। सुनार को छोटा मोटा सामान रिपेयर करने पर भी उसकी सरकारी रजिस्टर में एंट्री करनी होगी और उस पर भी टैक्स देना होगा।
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इस अनुमानित अतिरिक्त कर से लाखों सुनार कारीगर भी बेेरोजगार होंगे। ऐसे में सरकार के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान धर्मपाल वर्मा, दयानंद वर्मा, संजय वर्मा, दीपक वर्मा, विनोद वर्मा, बिट्टू वर्मा, सूरज वर्मा, ताना, राहुल, मनीष आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को नगर के स्वर्णकार दुुकानों पर ताले लगाकर जुलूस के रूप में गांधी प्याऊ स्थल पर जमा हुए। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा स्वर्ण जेवरात पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाने से कारोबारी के अलावा ग्राहक को भी नुकसान होगा। ग्राहक को जहां महंगी दरों पर विवाह शादियों के लिए जेवरात का निर्माण कराना पडेे़गा।
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वही स्वर्णकारों के प्रतिष्ठानों पर आए दिन अधिकारी दबिश देंगे। इससे इंस्पेक्टर राज की वापसी होगी। उन्होंने कहा देश में सर्राफा कारोबार कुटीर उद्योग में दर्ज है। सुनार को छोटा मोटा सामान रिपेयर करने पर भी उसकी सरकारी रजिस्टर में एंट्री करनी होगी और उस पर भी टैक्स देना होगा।
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इस अनुमानित अतिरिक्त कर से लाखों सुनार कारीगर भी बेेरोजगार होंगे। ऐसे में सरकार के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान धर्मपाल वर्मा, दयानंद वर्मा, संजय वर्मा, दीपक वर्मा, विनोद वर्मा, बिट्टू वर्मा, सूरज वर्मा, ताना, राहुल, मनीष आदि मौजूद रहे।