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कलक्ट्रेट में गरजे शिक्षामित्र
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 15 Sep 2015 12:50 AM IST
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हाईकोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने से आहत बागपत के शिक्षामित्रों ने सोमवार को कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। 172 शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट प्रभारी को राष्ट्रपति के नाम दिए हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देकर इच्छा मृत्यु की मांग की तथा मंगलवार को सभी प्राथमिक विद्यालयों में तालाबंदी कर शिक्षण कार्य बंद करने का ऐलान किया है। जबकि सिसाना की एक महिला को हृदयाघात हो गया है। उसे मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शिक्षामित्रों का कहना था कि शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2001 से पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा योग्यता के अनुसार दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी कराने के उपरांत समायोजित किया गया है। अब समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्रों के परिवार फिर से भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। शिक्षामित्र खुदकुशी करने के लिए विवश हो रहे हैं।
शिक्षामित्रों को हृदयघात हो रहा है। सोमवार को शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन एवं नारेबाजी की। उन्होंने कलक्ट्रेट प्रभारी राकेश कुमार को राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में इच्छा मृत्यु की मांग की। इसके उपरांत शिक्षामित्र जुलूस के रूप में बीएसए कार्यालय पर हंगामा कर बीएसए को ज्ञापन दिया और मंगलवार से विद्यालयों में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
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धरना-प्रदर्शन करने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष राजेश पंवार, जिलामंत्री भरत शर्मा, बिजेंद्र भाटी, राजीव शर्मा, हासिम अली, संजीव कुमार, सोमदत्त, नीरज, रीना मलिक, सविता, रुबी, रेनू, प्रवेश, प्रतिभा, संगीता, शशिबाला, रीना, सुजाता, रीतू पंवार, अनुराधा मौजूद रहीं।
शिक्षामित्रों के समर्थन में आया शिक्षक संघ ः शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द करने पर शिक्षक संघ, शिक्षामित्रों के साथ खड़ा हो गया है। सोमवार को कलक्ट्रेट में हुए धरना-प्रदर्शन में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शिक्षामित्रों का समर्थन किया। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की भी बैठक हुई।
इसमें समायोजन को अवैधानिक घोषित किए जाने पर विचार किया गया। उनके शिक्षक के पद पर पुन: समायोजित होने के प्रयास में सहयोग करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास मलिक, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश यादव, जिलामंत्री राजकुमार शर्मा, हरपाल सिंह, वेद प्रकाश, रुपेश चौधरी, संजीव कौशिक, जितेंद्र तोमर, प्रदीप, जयवीर मौजूद रहे।
शिक्षामित्र की हालत बिगड़ी
बागपत। शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द करने का सदमा सिसाना गांव की कुशलता सहन नहीं कर पाई। शनिवार की शाम को उसकी तबियत अधिक बिगड़ गई। इस पर परिजनों ने उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया हैं। पांच साल पूर्व कुशलता के पति जीत सिंह की मृत्यु हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद बच्चे का पालन-पोषण की जिम्मेदारी उस पर आ गई। वह गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र थी। प्रदेश सरकार द्वारा समायोजित किए जाने पर वह सहायक अध्यापिका हो गई थी, लेकिन शनिवार को आए समायोजन रद होने का सदमा वह सहन नहीं कर पाई। उसकी मौसी अंगुरी ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रही, हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसकी तबियत और बिगड़ गई। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष राजेश पंवार ने बताया कि महिला विधवा है, उसके घर में कोई कमाने वाला नहीं है।
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शिक्षामित्रों का कहना था कि शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2001 से पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा योग्यता के अनुसार दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी कराने के उपरांत समायोजित किया गया है। अब समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्रों के परिवार फिर से भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। शिक्षामित्र खुदकुशी करने के लिए विवश हो रहे हैं।
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शिक्षामित्रों को हृदयघात हो रहा है। सोमवार को शिक्षामित्रों ने कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन एवं नारेबाजी की। उन्होंने कलक्ट्रेट प्रभारी राकेश कुमार को राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में इच्छा मृत्यु की मांग की। इसके उपरांत शिक्षामित्र जुलूस के रूप में बीएसए कार्यालय पर हंगामा कर बीएसए को ज्ञापन दिया और मंगलवार से विद्यालयों में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
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धरना-प्रदर्शन करने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष राजेश पंवार, जिलामंत्री भरत शर्मा, बिजेंद्र भाटी, राजीव शर्मा, हासिम अली, संजीव कुमार, सोमदत्त, नीरज, रीना मलिक, सविता, रुबी, रेनू, प्रवेश, प्रतिभा, संगीता, शशिबाला, रीना, सुजाता, रीतू पंवार, अनुराधा मौजूद रहीं।
शिक्षामित्रों के समर्थन में आया शिक्षक संघ ः शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द करने पर शिक्षक संघ, शिक्षामित्रों के साथ खड़ा हो गया है। सोमवार को कलक्ट्रेट में हुए धरना-प्रदर्शन में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शिक्षामित्रों का समर्थन किया। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की भी बैठक हुई।
इसमें समायोजन को अवैधानिक घोषित किए जाने पर विचार किया गया। उनके शिक्षक के पद पर पुन: समायोजित होने के प्रयास में सहयोग करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास मलिक, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश यादव, जिलामंत्री राजकुमार शर्मा, हरपाल सिंह, वेद प्रकाश, रुपेश चौधरी, संजीव कौशिक, जितेंद्र तोमर, प्रदीप, जयवीर मौजूद रहे।
शिक्षामित्र की हालत बिगड़ी
बागपत। शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द करने का सदमा सिसाना गांव की कुशलता सहन नहीं कर पाई। शनिवार की शाम को उसकी तबियत अधिक बिगड़ गई। इस पर परिजनों ने उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया हैं। पांच साल पूर्व कुशलता के पति जीत सिंह की मृत्यु हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद बच्चे का पालन-पोषण की जिम्मेदारी उस पर आ गई। वह गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र थी। प्रदेश सरकार द्वारा समायोजित किए जाने पर वह सहायक अध्यापिका हो गई थी, लेकिन शनिवार को आए समायोजन रद होने का सदमा वह सहन नहीं कर पाई। उसकी मौसी अंगुरी ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रही, हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसकी तबियत और बिगड़ गई। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष राजेश पंवार ने बताया कि महिला विधवा है, उसके घर में कोई कमाने वाला नहीं है।