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कागजों में जर्जर खंभों को बदलने का खेल
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 05 Jul 2016 12:37 AM IST
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- फोटो : demo pic
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बागपत के बड़ौत नगर क्षेत्र में बिजली के जर्जर खंभे हादसों को दावत दे रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग के अफसरों की नजर इन खंभों पर नहीं पड़ रही है। कागजों में जर्जर खंभों को बदलवाकर हर साल खेल हो रहा है। इससे लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही का खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। नगर में इस समय सैकड़ों खंभे जर्जर हालत में हैं और मौत बनकर नगर के मुख्य मार्गों में गांधी रोड, महावीर मार्ग, कोताना रोड, बिनौली रोड आदि जगहों पर खड़े हैं, जो हल्के से धक्के में जमीन पर जा गिरे, लेकिन लोगों द्वारा की जा रही शिकायतों पर भी अमल नहीं हो रहा है। कहीं जगहों पर तो खंभा इतना जर्जर हो चुका है कि वह बिजली के तारों के सहारे ही खड़े हैं। कई बार तो खंभा गिरने से बडे़ हादसे की आशंका बनी रहती है।
लोगों का आरोप है वित्त वर्ष 2014-2015 और 2015-2016 के लिए शासन से करोड़ों रुपये के नये खंभे और तार आए हैं, लेकिन जर्जर खंभों को बदलने के बजाए उल्टा कागजों में ही खंभों को बदला जा रहा है और धनराशि डकारने का खेल हो रहा है। ठाकुरद्वारा निवासी रमेश, अंकित, सूरज, धर्मवीर, ईनाम, इसरार, यामीन का आरोप है विगत चार साल से शहर में सैकड़ों खंभे जर्जर हैं, सैकड़ों शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस संबंध में जेई टाऊन इंद्रपाल ने आरोप निराधार बताएं।
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बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही का खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। नगर में इस समय सैकड़ों खंभे जर्जर हालत में हैं और मौत बनकर नगर के मुख्य मार्गों में गांधी रोड, महावीर मार्ग, कोताना रोड, बिनौली रोड आदि जगहों पर खड़े हैं, जो हल्के से धक्के में जमीन पर जा गिरे, लेकिन लोगों द्वारा की जा रही शिकायतों पर भी अमल नहीं हो रहा है। कहीं जगहों पर तो खंभा इतना जर्जर हो चुका है कि वह बिजली के तारों के सहारे ही खड़े हैं। कई बार तो खंभा गिरने से बडे़ हादसे की आशंका बनी रहती है।
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लोगों का आरोप है वित्त वर्ष 2014-2015 और 2015-2016 के लिए शासन से करोड़ों रुपये के नये खंभे और तार आए हैं, लेकिन जर्जर खंभों को बदलने के बजाए उल्टा कागजों में ही खंभों को बदला जा रहा है और धनराशि डकारने का खेल हो रहा है। ठाकुरद्वारा निवासी रमेश, अंकित, सूरज, धर्मवीर, ईनाम, इसरार, यामीन का आरोप है विगत चार साल से शहर में सैकड़ों खंभे जर्जर हैं, सैकड़ों शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस संबंध में जेई टाऊन इंद्रपाल ने आरोप निराधार बताएं।
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