{"_id":"66bcb87a307ee367b6004375","slug":"seven-years-imprisonment-to-those-who-cheated-a-doctor-of-rs-21-lakh-baghpat-news-c-28-1-bag1001-116803-2024-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: चिकित्सक से 21 लाख ठगने वालों को सात साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: चिकित्सक से 21 लाख ठगने वालों को सात साल की सजा
Thu, 15 Aug 2024 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 15 Aug 2024 12:27 AM IST
विज्ञापन
बागपत। बड़ौत के भोपाल सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल के चिकित्सक मोहम्मद रेहान को एयरपोर्ट पर पार्सल भेजकर मनी लॉड्रिंग और आतंकी गतिविधि में फंसाने की धमकी देकर 21 लाख की ठगी करने वाले दो दोस्तों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई। साथ ही 60-60 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
बड़ौत के बड़ौली रोड़ पर भोपाल सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल के चिकित्सक मोहम्मद रेहान ने फरवरी 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। डाॅ. रेहान ने बताया कि चार फरवरी को उसके पास एक फोन आया, जिसने अपना नाम मार्क डेविड निवासी ईशथर डेनियन कंपनी यूएस आर्मी से होना बताते हुए उसका एक पार्सल एयरपोर्ट पर भेजने की जानकारी दी। बाद में मार्क डेविड ने पार्सल एयरपोर्ट पर पहुंचाने और उसे लेने के लिए खाते में 1.79 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा। जिस पर उसने नजरअंदाज किया।
बार-बार फोन आने पर उसने 1.79 लाख रुपये की एनएफटी कराई। इसके बाद उसकी आईडी पर मेल भेजकर बैग में डॉलर भरे मिलने पर पार्सल एयरपोर्ट पर जमा होने की जानकारी दी। एयरपोर्ट से पार्सल छुड़ाने के बदले उससे 5.14 लाख रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं देने पर मनी लॉड्रिंग और आतंकी गतिविधि में फंसाने की धमकी भी दी गई। जिन्होंने उसे डराकर 21 लाख रुपये ऑनलाइन डलवा लिए। इसके बाद भी बीस लाख रुपये की मांग की गई।
विज्ञापन
चिकित्सक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बरेली निवासी अमर वाल्मीकि और राजेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह ने अमर और राजेंद्र पर दोष सिद्ध कर दिया। जिन्हें सात-सात साल की सजा सुनाई और 60-60 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर एक-एक माह की सजा बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
बड़ौत के बड़ौली रोड़ पर भोपाल सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल के चिकित्सक मोहम्मद रेहान ने फरवरी 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। डाॅ. रेहान ने बताया कि चार फरवरी को उसके पास एक फोन आया, जिसने अपना नाम मार्क डेविड निवासी ईशथर डेनियन कंपनी यूएस आर्मी से होना बताते हुए उसका एक पार्सल एयरपोर्ट पर भेजने की जानकारी दी। बाद में मार्क डेविड ने पार्सल एयरपोर्ट पर पहुंचाने और उसे लेने के लिए खाते में 1.79 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा। जिस पर उसने नजरअंदाज किया।
विज्ञापन
बार-बार फोन आने पर उसने 1.79 लाख रुपये की एनएफटी कराई। इसके बाद उसकी आईडी पर मेल भेजकर बैग में डॉलर भरे मिलने पर पार्सल एयरपोर्ट पर जमा होने की जानकारी दी। एयरपोर्ट से पार्सल छुड़ाने के बदले उससे 5.14 लाख रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं देने पर मनी लॉड्रिंग और आतंकी गतिविधि में फंसाने की धमकी भी दी गई। जिन्होंने उसे डराकर 21 लाख रुपये ऑनलाइन डलवा लिए। इसके बाद भी बीस लाख रुपये की मांग की गई।
विज्ञापन
चिकित्सक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बरेली निवासी अमर वाल्मीकि और राजेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह ने अमर और राजेंद्र पर दोष सिद्ध कर दिया। जिन्हें सात-सात साल की सजा सुनाई और 60-60 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर एक-एक माह की सजा बढ़ाई जाएगी।