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हथिनी कुंड से छोड़ा सात हजार क्यूसेक पानी
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बागपत यमुना में बढ़ता जलस्तर
- फोटो : BAGHPAT
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हथिनी कुंड से छोड़ा सात हजार क्यूसेक पानी
बागपत। हथिनी कुंड से रविवार को छोड़ा गया पानी सोमवार को बागपत पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई हैं। सोमवार को यमुना में सात हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा जो मंगलवार तक जिले में पहुंच जाएगा । प्रशासन ने जिले में अलर्ट जारी किया। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है।
हथिनी कुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ रही है। किसानों को यमुना का जलस्तर बढ़ने से फसलें बर्बाद होने का डर सता रहा है। जिले के 23 गांव यमुना के किनारे बसे हैं, इससे इन गांवों के किसानों का फसल बर्बाद होने का डर है। सोमवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से किसानों को कटान व फसल खराब होने का डर सताने लगा है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
प्रशासन ने किया अलर्ट जारी, कंट्रोल रूम में करें शिकायत
बागपत। यमुना के बढ़ते हुए जलस्तर को देखकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ौत में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया। किसी भी आपात स्थिति में 01234-251131 पर कॉल कर स्थिति से अवगत कराया जा सकता है। बाढ़ नियंत्रण के लिए जिले में 16 बाढ़ चौकियां बनाई हैं। इनमें 12 चौकी यमुना नदी के तट और चार चौकी हिंडन नदी के तट पर स्थापित की।
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कटान रोकने के लिए स्टॉक पूरा
बागपत। बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया यमुना खतरे के निशान से नीचे बह रही है, जिले में अभी बाढ़ की संभावना नही है। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। कटान रोकने के लिए सीमेंट के बोरों व लकड़ी की बल्ली का स्टॉक है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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बागपत। हथिनी कुंड से रविवार को छोड़ा गया पानी सोमवार को बागपत पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई हैं। सोमवार को यमुना में सात हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा जो मंगलवार तक जिले में पहुंच जाएगा । प्रशासन ने जिले में अलर्ट जारी किया। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है।
हथिनी कुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ रही है। किसानों को यमुना का जलस्तर बढ़ने से फसलें बर्बाद होने का डर सता रहा है। जिले के 23 गांव यमुना के किनारे बसे हैं, इससे इन गांवों के किसानों का फसल बर्बाद होने का डर है। सोमवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से किसानों को कटान व फसल खराब होने का डर सताने लगा है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
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प्रशासन ने किया अलर्ट जारी, कंट्रोल रूम में करें शिकायत
बागपत। यमुना के बढ़ते हुए जलस्तर को देखकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ौत में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया। किसी भी आपात स्थिति में 01234-251131 पर कॉल कर स्थिति से अवगत कराया जा सकता है। बाढ़ नियंत्रण के लिए जिले में 16 बाढ़ चौकियां बनाई हैं। इनमें 12 चौकी यमुना नदी के तट और चार चौकी हिंडन नदी के तट पर स्थापित की।
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कटान रोकने के लिए स्टॉक पूरा
बागपत। बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया यमुना खतरे के निशान से नीचे बह रही है, जिले में अभी बाढ़ की संभावना नही है। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। कटान रोकने के लिए सीमेंट के बोरों व लकड़ी की बल्ली का स्टॉक है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।