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800 वेटिंग थी, फिर भी फजीवाड़े से बन गईं स्टाफ नर्स
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800 वेटिंग थी, फिर भी फजीवाड़े से बन गईं स्टाफ नर्स
बागपत। फर्जी ऑफर लेटर के आधार पर स्वास्थ्य विभाग में भर्ती हुईं स्टाफ नर्स के प्रकरण की जांच शुरू हो गई है। इन्होंने 800 वेटिंग होने के बावजूद ज्वाइनिंग कर ली थी। सीएमओ डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया संविदा पर तैनात जिले की सभी 36 स्टाफ नर्स की पड़ताल कराई जा रही है। हालांकि अभी तक फर्जी ऑफर लेटर बनाने वाले गैंग के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है, जबकि वे इन अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ठग चुके हैं।
स्टाफ नर्स की भर्ती के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने दिसंबर 2018 में परीक्षा आयोजित की थी। कुछ अभ्यर्थियों ने नंबर न आने पर फर्जी ऑफर लेटर से मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अलग-अलग सीएचसी पर संविदा की नौकरी हासिल कर ली थी। पिलाना में तैनात एक अभ्यर्थी पर शक होने के बाद सीएमओ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पत्र भेजकर जांच के लिए कहा था। जांच में खुलासा हुआ कि ऐसे अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल कर ली है, जिनकी वेटिंग ही 800 थी। जिले में 36 स्टाफ नर्स की जांच शुरू हो गई है।
ई-मेल नहीं पहुंचा तो खुला खेल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में नियुक्ति से पहले सीएमओ कार्यालय में ई-मेल के माध्यम से सूचना दी जाती है। आठ स्टाफ नर्स के मामले में ई-मेल नहीं पहुंचा और ये अभ्यर्थी सीधे ज्वाइनिंग लेटर लेकर पहुंच गईं। अधिकतर की तैनाती पूर्व सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा के कार्यकाल की है। चंद्रा इन दिनों झांसी में तैनात हैं।
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इनके खिलाफ सीएचसी अधीक्षक कराएंगे मुकदमा
जिले के चिरचिटा गांव की राखी, डौलचा की उर्मिला, मुजफ्फरनगर के बिटावदा की साक्षी, मेरठ की वंदना, गाजियाबाद के पतला की रेणु, मेरठ के सरधना की मोहिनी भारद्वाज, चौबला की अर्चना कुमारी, टीपी नगर मेरठ की कविता की संविदा समाप्त कर दी गई है। इन्होंने सीएचसी बिनौली, बागपत, पिलाना, छपरौली और खेकड़ा में फर्जी ऑफर लेटर से ज्वाइन किया था। सीएमओ डॉ. जितेंद्र वर्मा ने कहा कि संबंधित सीएचसी अधीक्षकों को पत्र जारी कर दिया है। स्टाफ नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
अन्य विभाग भी नहीं अछूते
स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स, शिक्षा विभाग में शिक्षक और परिवहन विभाग में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर के प्रकरण सामने आ चुके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में खेकड़ा ब्लॉक में दो शिक्षिकाओं ने नौकरी हासिल कर ली। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इससे पहले परिवहन विभाग में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर से नौकरी पाने युवक पहुंच गए थे, लेकिन पकड़े गए। फर्जी तरीके से जिले में बेटी बचाओ के फार्म बेच दिए गए। मामला विकास भवन तक पहुंचा। जांच हुई तो कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके अलावा जिले में कई बार फर्जी अधिकारी पकड़े जा चुके हैं। लेखपाल के अलावा खुद को एसआई और इंटेलीजेंस में बताने वाले युवकों को पुलिस ने दबोचा था।
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बागपत। फर्जी ऑफर लेटर के आधार पर स्वास्थ्य विभाग में भर्ती हुईं स्टाफ नर्स के प्रकरण की जांच शुरू हो गई है। इन्होंने 800 वेटिंग होने के बावजूद ज्वाइनिंग कर ली थी। सीएमओ डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया संविदा पर तैनात जिले की सभी 36 स्टाफ नर्स की पड़ताल कराई जा रही है। हालांकि अभी तक फर्जी ऑफर लेटर बनाने वाले गैंग के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है, जबकि वे इन अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ठग चुके हैं।
स्टाफ नर्स की भर्ती के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने दिसंबर 2018 में परीक्षा आयोजित की थी। कुछ अभ्यर्थियों ने नंबर न आने पर फर्जी ऑफर लेटर से मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अलग-अलग सीएचसी पर संविदा की नौकरी हासिल कर ली थी। पिलाना में तैनात एक अभ्यर्थी पर शक होने के बाद सीएमओ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पत्र भेजकर जांच के लिए कहा था। जांच में खुलासा हुआ कि ऐसे अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल कर ली है, जिनकी वेटिंग ही 800 थी। जिले में 36 स्टाफ नर्स की जांच शुरू हो गई है।
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ई-मेल नहीं पहुंचा तो खुला खेल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में नियुक्ति से पहले सीएमओ कार्यालय में ई-मेल के माध्यम से सूचना दी जाती है। आठ स्टाफ नर्स के मामले में ई-मेल नहीं पहुंचा और ये अभ्यर्थी सीधे ज्वाइनिंग लेटर लेकर पहुंच गईं। अधिकतर की तैनाती पूर्व सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा के कार्यकाल की है। चंद्रा इन दिनों झांसी में तैनात हैं।
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इनके खिलाफ सीएचसी अधीक्षक कराएंगे मुकदमा
जिले के चिरचिटा गांव की राखी, डौलचा की उर्मिला, मुजफ्फरनगर के बिटावदा की साक्षी, मेरठ की वंदना, गाजियाबाद के पतला की रेणु, मेरठ के सरधना की मोहिनी भारद्वाज, चौबला की अर्चना कुमारी, टीपी नगर मेरठ की कविता की संविदा समाप्त कर दी गई है। इन्होंने सीएचसी बिनौली, बागपत, पिलाना, छपरौली और खेकड़ा में फर्जी ऑफर लेटर से ज्वाइन किया था। सीएमओ डॉ. जितेंद्र वर्मा ने कहा कि संबंधित सीएचसी अधीक्षकों को पत्र जारी कर दिया है। स्टाफ नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
अन्य विभाग भी नहीं अछूते
स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स, शिक्षा विभाग में शिक्षक और परिवहन विभाग में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर के प्रकरण सामने आ चुके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में खेकड़ा ब्लॉक में दो शिक्षिकाओं ने नौकरी हासिल कर ली। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इससे पहले परिवहन विभाग में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर से नौकरी पाने युवक पहुंच गए थे, लेकिन पकड़े गए। फर्जी तरीके से जिले में बेटी बचाओ के फार्म बेच दिए गए। मामला विकास भवन तक पहुंचा। जांच हुई तो कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके अलावा जिले में कई बार फर्जी अधिकारी पकड़े जा चुके हैं। लेखपाल के अलावा खुद को एसआई और इंटेलीजेंस में बताने वाले युवकों को पुलिस ने दबोचा था।