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मानदेय न मिलने पर संविदा कर्मचारियों ने किया हंगामा
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मानदेय न मिलने पर संविदा कर्मचारियों ने किया हंगामा
बड़ौत। गत कई माह से मानदेय न मिलने के विरोध में मंगलवार को संविदा कर्मचारियों ने कोताना रोड स्थित एक्सईएन प्रथम कार्यालय पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और चेतावनी दी कि जब तक मानदेय नहीं मिलेगा, हड़ताल जारी रहेगी।
उनका कहना है कि पिछले चार माह से न तो मानदेय मिल पा रहा है और न ही ईपीएफ। विद्युत लाइनें व पोल दुरूस्त करने के दौरान हुए हादसे के बाद संविदा कर्मचारी मुआवजे के एक-एक पैसे के लिए तरसता है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग ठेकेदारों को एक संविदा कर्मचारी के लिए प्रति माह करीबन 8 से 10 हजार रूपये वेतन देता है, लेकिन ठेकेदार संविदा कर्मचारियों को मात्र 4 से 5 हजार। प्रति संविदा कर्मचारी ठेकेदार करीबन चार से पांच हजार रूपये कमा लेते है। उन्होंने मांग पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी। इस अवसर पर पीतम, धर्मेंद्र, ऋषिपाल, विनय, राहुल, हरेंद्र, सोहनपाल, इमरान आदि शामिल रहे। उधर विद्युुत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह, मंत्री सुरेंद्र तोमर ने भी पंचायत की ओर से संविदा कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन दिया और अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मानदेय नहीं मिला तो वे उग्र आंदोलन शुरू कर देगें।
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बड़ौत। गत कई माह से मानदेय न मिलने के विरोध में मंगलवार को संविदा कर्मचारियों ने कोताना रोड स्थित एक्सईएन प्रथम कार्यालय पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और चेतावनी दी कि जब तक मानदेय नहीं मिलेगा, हड़ताल जारी रहेगी।
उनका कहना है कि पिछले चार माह से न तो मानदेय मिल पा रहा है और न ही ईपीएफ। विद्युत लाइनें व पोल दुरूस्त करने के दौरान हुए हादसे के बाद संविदा कर्मचारी मुआवजे के एक-एक पैसे के लिए तरसता है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग ठेकेदारों को एक संविदा कर्मचारी के लिए प्रति माह करीबन 8 से 10 हजार रूपये वेतन देता है, लेकिन ठेकेदार संविदा कर्मचारियों को मात्र 4 से 5 हजार। प्रति संविदा कर्मचारी ठेकेदार करीबन चार से पांच हजार रूपये कमा लेते है। उन्होंने मांग पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी। इस अवसर पर पीतम, धर्मेंद्र, ऋषिपाल, विनय, राहुल, हरेंद्र, सोहनपाल, इमरान आदि शामिल रहे। उधर विद्युुत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह, मंत्री सुरेंद्र तोमर ने भी पंचायत की ओर से संविदा कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन दिया और अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मानदेय नहीं मिला तो वे उग्र आंदोलन शुरू कर देगें।
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