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लाक्षाग्रह पर सामवेद पारायण महायज्ञ का समापन
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लाक्षागृह पर सामवेद पारायण महायज्ञ संपन्न
बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह बरनावा स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय में ब्रह्मलीन गुरुदेव ब्रह्मऋषि कृष्णदत्त महाराज के 79वें जन्मोत्सव सामवेद परायण महायज्ञ का बृहस्पतिवार को समापन हो गया।
यज्ञ के ब्रह्मा पद से वेद मर्मज्ञ आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा कि वेद ज्ञान को कहते हैं। वेद इस सृष्टि के आदि काल में प्राप्त ज्ञान है। ऋषि दयानंद वेदों के महाभारत काल के बाद उत्पन्न सभी विद्वानों में श्रेष्ठतम विद्वान हुए। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि शुद्ध वातावरण और उत्तम स्वास्थ्य के लिए यज्ञ जरूरी है। विषाणुओं की विकृतियों को दूर करने और अनुकूल वातावरण उत्पन्न करने के लिए हमारे पूर्वज ऋषि-मुनियों ने यज्ञ द्वारा वातावरण की शुद्धि की अप्रतिम युक्ति प्रदान की है। यहां पूर्व प्रधानाचार्य विनोद कुमार शास्त्री, जयवीर दत्त शास्त्री, सुनील शास्त्री, महात्मानंद महाराज, निर्भयानंद महाराज, परमानंद महाराज, यज्ञ मुनि, ज्ञान मुनि ने भी वेदोपदेश दिए। यज्ञ देवेंद्र शास्त्री, सौदान शास्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया। आर्य समाज उत्तर प्रदेश प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष देवेंद्र पाल, रवि शास्त्री, अध्यक्ष यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल सिंह, बीके त्यागी, उपमंत्री यशपाल सिंह, सौदान शास्त्री, संजीव, सीताराम, महेंद्र सिंह, धनपाल बैंसला, कंवरपाल, विपिन, सुरेश, कालूराम, फकीर चंद त्यागी, राहुल समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने यज्ञ में आहुति दी।
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बिनौली। महाभारत कालीन लाक्षागृह बरनावा स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय में ब्रह्मलीन गुरुदेव ब्रह्मऋषि कृष्णदत्त महाराज के 79वें जन्मोत्सव सामवेद परायण महायज्ञ का बृहस्पतिवार को समापन हो गया।
यज्ञ के ब्रह्मा पद से वेद मर्मज्ञ आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा कि वेद ज्ञान को कहते हैं। वेद इस सृष्टि के आदि काल में प्राप्त ज्ञान है। ऋषि दयानंद वेदों के महाभारत काल के बाद उत्पन्न सभी विद्वानों में श्रेष्ठतम विद्वान हुए। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि शुद्ध वातावरण और उत्तम स्वास्थ्य के लिए यज्ञ जरूरी है। विषाणुओं की विकृतियों को दूर करने और अनुकूल वातावरण उत्पन्न करने के लिए हमारे पूर्वज ऋषि-मुनियों ने यज्ञ द्वारा वातावरण की शुद्धि की अप्रतिम युक्ति प्रदान की है। यहां पूर्व प्रधानाचार्य विनोद कुमार शास्त्री, जयवीर दत्त शास्त्री, सुनील शास्त्री, महात्मानंद महाराज, निर्भयानंद महाराज, परमानंद महाराज, यज्ञ मुनि, ज्ञान मुनि ने भी वेदोपदेश दिए। यज्ञ देवेंद्र शास्त्री, सौदान शास्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया। आर्य समाज उत्तर प्रदेश प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष देवेंद्र पाल, रवि शास्त्री, अध्यक्ष यशोधर्मा सोलंकी, मंत्री राजपाल सिंह, बीके त्यागी, उपमंत्री यशपाल सिंह, सौदान शास्त्री, संजीव, सीताराम, महेंद्र सिंह, धनपाल बैंसला, कंवरपाल, विपिन, सुरेश, कालूराम, फकीर चंद त्यागी, राहुल समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने यज्ञ में आहुति दी।
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